बागेश्वर। जिला अस्पताल में एकमात्र निश्चेतक के अवकाश पर जाने से ऑपरेशन ठप हो गए हैं। अस्पताल में आए मरीजों और तीमारदारों को हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्थायी निश्चेतक की तैनाती होने के बावजूद लोगों को अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे लोगों में नाराजगी है।
जिला अस्पताल में निश्चेतक का एक ही पद स्वीकृत है। निदेशालय की ओर से अगस्त माह में हुए तबादले में जिला अस्पताल में निश्चेतक लक्ष्मण सिंह मेहता को ऊधमसिंह नगर से जिला अस्पताल में नियुक्ति दी गई थी लेकिन अस्पताल में ज्वाइनिंग के बाद उन्हें नैनीताल के अस्पताल में अटैच कर दिया है। इस वजह से अस्पताल में स्थायी निश्चेतक होने के बाद भी व्यवस्था के तौर पर लोगों को सुविधाएं दी जा रही हैं। एनएचएम की ओर से तैनात निश्चेतक डॉ. रोहित संविदा पर जिला अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। अस्पताल की हाईटैक ओटी में एक समय में एक ही ऑपरेशन किया जा रहा है। डॉ. रोहित के अवकाश पर जाने से ऑपरेशन के कार्य प्रभावित हो गए हैं। डॉ. रोहित 24 अप्रैल तक अवकाश पर हैं। लोगों ने जल्द ही स्थायी निश्चेतक को तैनात करने की मांग की है।
डॉ. रोहित ने विभाग को दिया त्यागपत्र नोटिस
बागेश्वर। एनएचएम की ओर से कार्यरत डॉ. रोहित का अनुबंध 30 अप्रैल तक स्वीकृत है। उन्होंने अस्पताल में सेवाएं समाप्त करने से पूर्व एक माह का नोटिस एनएचएम को सौंप दिया है। डॉ. रोहित के जाने से अस्पताल में ऑपरेशन सुविधाएं ठप पड़ सकती हैं। बीते वर्ष विश्व बैंक की ओर से जारी बजट से अस्पताल में सुधारीकरण का कार्य किया गया है। इससे अस्पताल में हाईटैक ओटी का निर्माण किया गया है। निश्चेतक के बिना हाईटैक ओटी निष्प्रयोज्य हो सकती है। संवाद
निश्चेतक के न होने से दो गर्भवतियां हुईं हायर सेंटर रेफर
बागेश्वर। जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी सेवा भी प्रभावित हो गई है। निश्चेतक की अनुपस्थिति में सिजेरियन डिलीवरी की सेवा गर्भवतियों को नहीं दी जा सकती है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को दो गर्भवतियां सिजेरियन डिलीवरी कराने के लिए हायर सेंटर रेफर की गईं। हालांकि सर्जन डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि सर्जरी विभाग से किसी मरीज को अभी ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया है। संवाद
जिले के अन्य अस्पतालों में नहीं ऑपरेशन की सुविधा
बागेश्वर। सीएचसी बैजनाथ, कपकोट, कांडा में सर्जन और निश्चेतक का एक-एक पद स्वीकृत है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने के कारण अस्पतालों में लोगों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। फुट कॉर्न के छोटे ऑपरेशन से लेकर सिजेरियन डिलीवरी, हड्डी टूटने के इलाज के लिए लोगों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। संवाद
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को कुमाऊं मंडल को पत्र लिखने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। निश्चेतक डॉ. लक्ष्मण की सेवाएं जिले में सुचारू करने की मांग के लिए पत्र भेजने को कहा गया है। मेरे संज्ञान में डॉ. रोहित अभी अवकाश पर गए हैं।
डॉ. आदित्य कुमार तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर