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बदियाकोट प्रकरण: सीएमओ ने किया जांच कराने का एलान

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बागेश्वर। सीएमओ डॉ. बीएस रावत ने हिमालयी क्षेत्र से सटे बदियाकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से बच्चे की मौत की जांच कराने की बात कही है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
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बदियाकोट ग्राम पंचायत के गरगुटी निवासी नरेंद्र सिंह का छह महीने का बच्चा आयुष बुखार से पीड़ित था। उसे 12 मार्च को बदियाकोट अस्पताल लाया गया लेकिन अस्पताल में कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। आयुष को बदियाकोट से 45 किमी दूर कपकोट अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। बदियाकोट की ग्राम प्रधान सोनू दानू ने शुक्रवार को डीएम और सीएमओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर अव्यवस्थाएं सुलझाने की मांग की थी। बताया था कि अस्पताल में दो डॉक्टरों समेत आठ पद सृजित हैं लेकिन अस्पताल में स्टाफ नर्स और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही रहते हैं। एक डॉक्टर 17 मार्च 2019 से अनुपस्थित हैं। प्रधान का आरोप है कि दूसरा डॉक्टर अक्सर अस्पताल से गायब रहता है। इन अव्यवस्थाओं से लोगों की जान सांसत में है।
सीएमओ ने कहा कि घटना के दिन डॉक्टर छुट्टी लेकर गया था या नहीं, यह जांचा जाएगा। इसके लिए डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। लापरवाही मिलने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। भरोसा दिलाया कि बदियाकोट अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा। अब सबकी नजर सीएमओ की कार्रवाई पर टिकी है।
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अस्पताल की अव्यवस्था लोगों पर हमेशा पड़ती है भारी
बागेश्वर। पीएचसी बदियाकोट की अव्यवस्थाओं की मार हमेशा हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों पर भारी पड़ रही है। एक मार्च को इसी क्षेत्र के समडर (बोरबलड़ा) गांव निवासी खिलाफ सिंह (32) जानवरों के लिए चारा काटते समय पेड़ से गिर गए थे। उनको गांव की महिलाओं और युवकों ने कंधे में ढोकर 25 किमी दूर बदियाकोट तक पहुंचाया लेकिन वहां प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। घायल को दो मार्च तो 65 किमी दूर जिला मुख्यालय तक लाया गया। बदियाकोट की ग्राम प्रधान सोनू दानू बतातीं हैं कि ऐसी स्थितियों से क्षेत्र के लोगों को आए दिन जूझना पड़ता है। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो आंदोलन कर अस्पताल में तालाबंदी की जाएगी।
बदियाकोट अस्पताल में स्टाफ की स्थिति
बागेश्वर। पीएचसी बदियाकोट में दो डॉक्टरों की तैनाती है। इनमें से संविदा पर तैनात एक डॉक्टर 17 मार्च 2019 से अनुपस्थित हैं। फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्वच्छक का पद खाली है। दूसरे अस्पताल के फार्मासिस्ट की ड्यूटी सप्ताह में तीन दिन बदियाकोट में लगाई गई है। वरिष्ठ सहायक को सीएमओ कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
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