मुख्यमंत्री हरीश रावत के यहां पहुंचने पर सैकड़ों लोगाें ने समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिए। बागेश्वर को रेल मार्ग के साथ जोड़ने की मंाग की। मंडलसेरा में पेयजल और संपर्क मार्ग की समस्या के बारे में बताया। पूर्व अर्ध सैनिकों ने सेना के पूर्व सैनिकों की तरह सुविधाएं दिलाने की मांग की।
रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रेल मार्ग के साथ इलाके के विकास के साथ ही सामरिक महत्व की जरूरतें भी जुड़ी हैं। इसे राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया गया है, अभी तक धन नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो सका है। सीएम से इस मामले में सहयोग की अपील की गई।
ज्ञापन देने वालों मेें अध्यक्ष नीमा दफौटी, महासचिव खड़क राम आर्य, हयात सिंह मेहता, एडवोकेट चंदन सिंह ऐठानी, प्रवीण सिंह दफौटी आदि शामिल थे। महिला कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष हंसी नेगी, राधा पांडे, कमला पाठक, कमला कांडपाल, दीपा कांडपाल अनीता जोशी, पुष्पा नगरकोटी सहित कई महिलाओं ने मंडलसेरा की पेयजल समस्या के संबंध में सीएम को बताया और कहा कि लगातार जनसंख्या बढ़ने केे कारण यहां पेयजल की कमी होने लगी है।
ज्ञापन देने वालों में नारायण सिंह मोहन सिंह कपकोटी, आरएस राना, पीएस मेहता, उमेद सिंह, रमेश बोहरा आदि शामिल थे। पूर्व बीडीसी सदस्य इंजीनियर टीएस रावत ने कहा कि कमेड़ी देवी-स्यांकोट मोटर मार्ग के निर्माण के कारण प्रभावित हुए किसानों को 11 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।
संयुक्त जनकल्याण समिति मंडलसेरा ने सीएम को ज्ञापन देकर मंडलसेरा में भुल्यूड़ा से विवेकानंद विद्या मंदिर तक स्वीकृत सड़क का काम शीघ्र पूरा करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष भूपाल सिंह देवली, सचिव हीरा सिंह टाकुली, संरक्षक दीवान सिंह दानू आदि शामिल थे।