उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रैक पर जाने वाले सैलानियों को आधारभूत सुविधाएं मिलने में अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। शासन ने इसके लिए मंजूर किए गए नौ करोड़ में से बाकी सात करोड़ रुपये भी रिलीज कर दिए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को मिली इस धनराशि से 2013 में आपदा से क्षतिग्रस्त ट्रैक को भी बनाया जाएगा।
कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के उत्तर भाग में विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर हैं। वहां सीजन में बड़ी संख्या में देश विदेेश से सैलानी आते हैं। ग्लेशियरों के यात्रा मार्ग में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के कारण पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इन ट्रैकों को वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा से काफी नुकसान हुआ था। पिछले साल मुख्य सचिव और विधायक ने इस क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लिया था। शासन ने तब इसकी भरपाई और पर्यटकों को आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नौ करोड़ रुपये मंजूर किए थे। शासन ने तब तीन करोड़ रुपये जारी किए तो पिंडारी ट्रैक के खरकिया में यात्री शेड का निर्माण हो चुका है। अब तीनों ट्रैकों पर हर पांच किमी पर एक कैफिट एरिया और हर दो किमी एक यात्री शेड का निर्माण होना है। कैफिट एरिया में वेटिंग रूम, किचन, शौचालय और स्नानगार बनेेंगे। खतरनाक हिस्सों के रास्तों पर रेलिंग लगेगी। पानी के निकास के लिए कौजवे और लोहे के पैदल पुलों और स्कवरों का निर्माण चल रहा है।
ट्रैकों पर ये काम होने हैं
- 42 किमी लंबे पिंडारी ट्रैक के लिए मंजूर 4.99 करोड़ रुपये से हर पांच किमी पर एक कैफिट एरिया, हर दो किमी पर एक विश्राम गृह, पांच गधेरों में 15-15 मीटर लंबाई के पैदल पुल, हर किमी पर बैठने के लिए दो-दो बैंचों, स्कवर और पानी के निकास के लिए कौजवे निर्माण होना है।
- 15 किमी लंबे खाती : सुंदरढुंगा ग्लेशियर ट्रैक के लिए मंजूर 2.01 करोड़ रुपये से जातोली में एक कैफिट एरिया, सात यात्री शेड, दल दल वाली जगह पर पत्थर और सीमेंट के खड़ंजों का निर्माण किया जाना है। -11 किमी लंबे द्वाली - फुरकिया ट्रैक के लिए मंजूर डेढ़ करोड़ रुपये में एक कैफिट एरिया, पांच यात्री शैड, रेलिंग, बैंच आदि के निर्माण हो रहे हैं।
कोट
ग्लेशियर ट्रैकों पर प्रस्तावित सभी कार्यों का निर्माण तेजी से चल रहा है। मौसम के साथ देने पर प्रस्तावित कार्यों के इसी साल पूरे होने की संभावना है। इसके लिए तीन एई और चार जेई नियुक्त किए गए हैं।
केके तिलारा ईई पीडब्ल्यूडी कपकोट डिवीजन