गांव में बस पहुंचने से खुश लोग
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बागेश्वर। कांडा तहसील के सुदूर कमस्यार घाटी के अठपैसिया में 13 सितंबर को रोडवेज की बस आने की खुशी दूसरे दिन ही काफूर हो गई। यहां घोड़ागाड़ के पास के दो तेज मोड़ इस रूट पर बस चलाने में बाधक बने। कमस्यारघाटी के लोग दिल्ली से भद्रकाली मंदिर गेट तक आने वाली रोडवेज बस को अठपैसिया तक चलवाने की मांग कर रहे थे।
13 सितंबर की शाम एक बस वहां पहुंच भी गई। बस के गांव पहुंचते ही वहां लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने बस चालक और परिचालक का माल्यार्पण किया। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कृपाल सिंह रावत ने कहा कि बस के संचालन से क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। वक्ताओं ने विधायक ललित फर्स्वाण का आभार जताया लेकिन दूसरे दिन 14 सितंबर से बस आनी बंद हो गई।
जिस कारण लोगों को अब पहले की तरह ही पांच से सात किमी पैदल चलकर भद्रकाली मंदिर गेट पर जाना पड़ रहा है। इसमें उन्हें कई परेेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। रोडवेजकर्मियों का कहना है कि कांडा रावतसेरा बांसपटान सड़क के घोड़ागाड़ के पास दो मोड़ काफी खतरनाक हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बस आसानी से पास नहीं हो पा रही है। सड़क की हालत ठीक होने पर ही बस का संचालन हो सकेगा।
रावत ने बस का संचालन शीघ्र सुचारु करने की मांग की है। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण सड़क नहीं सुधरी है। उन्होंने कहा कि इस सड़क से बांसपटान होकर सेराघाट तक बसेें चलनी चाहिए। इससे क्षेत्र के लोगों को खासी सुविधा होगी। वहीं विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि सड़क की दशा सुधारने के लिए लोनिवि को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जल्दी ही क्षेत्र में बस सेवा नियमित हो जाएगी।