बागेश्वर। हर साल 15 अक्तूबर को हैंडवॉश डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करना है। कोरोना काल में हाथ धोने को लेकर लोग स्वयं जागरूक हुए हैं और लोगों को जागरूक कर भी रहे हैं। अभिभावक खुद कहते हैं कि पहले बच्चों को जहां बार-बार हाथ धोने के लिए कहना पड़ता था लेकिन अब स्थितियां उलट है, बच्चे खुद तो जागरूक हुए ही हैं, कई बार बड़ों को भी सीख दे रहे हैं कि कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोना चाहिए।
दैनिक क्रियाकलापों के बाद लोगों ने हैंडवॉश को अपनी आदत में शामिल कर लिया है। ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन मशीन बेच रहे व्यवसायी भूपेश कनवाल का कहना है कि पिछले चार-पांच महीनों में वह करीब 75 हैंडवॉश मशीन बेच चुके हैं। इस मशीन में बिना छुए हाथों को सैनिटाइज करने की सुविधा है। इससे संक्रमित होने का खतरा नहीं रहता। सरकारी कार्यालयों और रिटेल की दुकानों में इस मशीन का काफी प्रयोग हो रहा है। व्यवसायी हरीश सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के बाद शुरुआती कोरोना काल में रोजाना 20-25 हैंडवॉश बिक रहे थे लेकिन अब हैंडवॉश की चार, पांच बोतलें रोज बिक रही हैं। सभी लोगों के पास हैंडवॉश का स्टॉक होने से भी ब्रिकी में कमी आई है। मेडिकल स्टोरों में भी पिछले चार-पांच महीनों की तुलना में हैंडवॉश की बिक्री में कमी आ गई है। अब लोगों को हैंडवॉश अधिकतर दुकानों पर मिलने लगा है। छात्रा ओजस्विनी पांडेय, छात्र मनमोहन जोशी का कहना है कि हाथों की सफाई तो पहले भी करते थे लेकिन अब बाहर से आने पर नियमित रूप से हाथों की सफाई करते हैं। दिन में कई बार हाथों को साबुन से धोने के साथ ही सैनिटाइज करते हैं।
कोरोना के बाद भी बनी रहे हाथ साफ रखने की आदत
अल्मोड़ा। पहले लोग सफाई पर खास ध्यान नहीं देते थे लेकिन कोरोना महामारी के बाद चले तमाम जागरूकता कार्यक्रमों और कोरोना के भय से लोगों में हाथ धोने की आदत बन गई है। अब लोग खाने से पहले ही नहीं बल्कि घर पहुंचते ही सबसे पहले साबुन से हाथ धोने लगे हैं। आज बच्चों को भी हाथ धोने की आदत हो गई है, जिससे वह वायरल आदि रोगों से भी बच पा रहे हैं। इस बारे में माल रोड निवासी 11 वर्षीय रितेश बिष्ट का कहना था कि पहले वह हाथ धोने पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था लेकिन कोरोना के बाद से वह खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोते हैं। बाजार और कहीं अन्य जगह से लौटने पर भी घर वाले सबसे पहले हाथ धुलवाते हैं। इधर जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने कहा कि लोगों को कोरोना के बाद भी हाथ साफ रखने की आदत नहीं छोड़नी चाहिए। बार-बार साबुन से हाथ धोकर साफ रखने से कई रोगों से खुद बचाव होता है।