कूड़ा-करकट सड़क और पैदल मार्गों के आसपास बिखरा रहता है
- फोटो : amar ujala
कौसानी, बैजनाथ सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं तक नहीं हैं। शौचालय, सफाई और स्ट्रीट लाइट तक की सुविधाओं का अभाव है। इससे सैलानियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कुमाऊं का स्विटजरलैंड कहा जाने वाला कौसानी जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैलानी आते हैं। इसके बावजूद यहां की सफाई व्यवस्था चौपट है। प्रशासन की ओर से सफाई के कोई इंतजाम नहीं हैं। नगर का कूड़ा-करकट सड़क और पैदल मार्गों के आसपास बिखरा रहता है।
एकमात्र सार्वजनिक शौचालय संचालन के अभाव में बंद है। अनाशक्ति आश्रम के आसपास पर्यटकों के लिए शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। कस्बे में पर्यटकों के लिए बना एक छोटा सा पार्क भी रखरखाव के अभाव में गंदगी से पटा है। इस प्रमुख पर्यटन स्थल में पर्यटकों की सुविधा के लिए रात्रि प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
कुछ स्थानों में लगी स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। बैजनाथ का भी कमोवेश यही हाल है। यहां पर्यटक बैजनाथ मंदिर समूह के साथ ही झील देखने भी आते हैं, लेकिन पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं यहां भी नहीं हैं। यही हाल जिले के अन्य पर्यटन स्थलों का भी है।
-
जिले के जो भी प्रमुख पर्यटन स्थल हैं उनके विकास को लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। पर्यटकों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास होंगे ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। - भगवती प्रसाद, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर।