जिले में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हुई। इससे नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया। भारी मात्रा में मलबा और चीड़ के पेड़ उखड़कर बीच सड़क पर आने से बागेश्वर-ताकुला एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। वाहनों को वाया पालड़ीछीना होते हुए रवाना किया गया। इसके अलावा जिले की पांच और सड़कें बंद हैं।
शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से बागेश्वर-ताकुला एनएच पर पौड़ी धार बैंड के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबे के साथ चीड़ के पेड़ भी बीच सड़क में आ गए। इससे वाहनों का संचालन ठप हो गया। बाद में वाहनों को पालड़ीछीना से होते हुए जाना पड़ा। इसी स्थान पर पिछले दिनों एक केएमओयू की बस मलबे की चपेट में आने से खाई में लुढ़क गई थी। बारिश होने के बाद लगातार पहाड़ी से मलबा आने के कारण यह स्थान खतरनाक बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से इस स्थल पर सुरक्षा के प्रबंध करने की मांग की है। इधर, विजयपुर-ढपटी, कौसानी-भतेड़िया, कपकोट-कर्मी, मुनार बैंड-सूपी और सामा-नौकोड़ी मार्ग भी मलबा आने से बंद हैं। मलबा और पेड़ आने से बंद नेशनल हाइवे देर शाम तक नहीं खुल पाया था। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जेसीबी भेजी गई है, जल्दी ही मार्ग से मलबा हटा दिया जाएगा। वहीं, मूसलाधार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। सरयू और गोमती नदी उफान पर बह रही हैं।
बारिश से एक मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बारिश से शुक्रवार को एक आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे बारिश के दौरान मंडलसेरा में नंदी देवी पत्नी दीवान सिंह का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। क्षति के आकलन के लिए राजस्व विभाग को सूचना दे दी गई है।