नैनीताल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम और भवाली क्षेत्र में रोजाना लग रहे भीषण जाम का सीधा असर जिले की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। हल्द्वानी से बागेश्वर और गरुड़ की ओर आने-जाने वाली केमू की बसें हों या फिर टैक्सी वाहन, सभी भीषण जाम के मकड़जाल में फंस रहे हैं। महज पांच से छह घंटे का सफर अब 12 से 14 घंटे का दर्दनाक दुस्वप्न बन चुका है, जिससे यात्री, बच्चे और बुजुर्ग घंटों परेशान होने को मजबूर हैं।
स्थानीय चालकों और यात्रियों के अनुसार, कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भवाली से खैरना के बीच सड़कों के संकरे होने के कारण रोजाना किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। धूप और जाम के दोहरे थपेड़ों से यात्री बेहाल हैं। स्थिति यह है कि सुबह हल्द्वानी से निकलने वाले वाहन आधी रात को बागेश्वर और गरुड़ पहुंच पा रहे हैं। बेहाल यात्रियों और वाहन चालकों ने शासन-प्रशासन से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और तत्काल वैकल्पिक मार्ग बनाने की पुरजोर मांग उठाई है।
सुबह 10:30 बजे हल्द्वानी से गरुड़ के लिए निकला था। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण लगातार सात घंटे जाम में ही फंसे रहना पड़ा। रात 11:30 बजे जाकर गरुड़ पहुंच सका। यह सफर बेहद थका देने वाला और नरकीय बन चुका है। कैलाश प्रसाद, वाहन चालक
दुबई से घर लौटते समय दोपहर दो बजे हल्द्वानी पहुंचा था। वहां से गरुड़ के लिए रवाना हुआ तो भवाली और खैरना के बीच कैंची धाम के कारण लगे पांच घंटे के लंबे जाम में फंस गया। गाड़ी में कई स्कूली बच्चे और बुजुर्ग भी फंसे थे। प्रशासन को जल्द वैकल्पिक मार्ग बनाना चाहिए। दिनेश भट्ट, प्रवासी भारतीय
हल्द्वानी से बागेश्वर की दूरी तय करने में पूरा दिन लग रहा है। सुबह सात बजे हल्द्वानी से सवारी लेकर बागेश्वर के लिए चले थे और रात नौ बजे के बाद बागेश्वर पहुंचे। कैंची धाम और भवाली क्षेत्र में रोजाना लग रहे जाम से टैक्सी संचालकों और यात्रियों का जीना मुहाल हो गया है। केदार सिंह, टैक्सी संचालक