कपकोट के भनार में ओलों से पटे खेत। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : AMAR UJALA
बागेश्वर। कटने को तैयार गेहूं की फसल पर प्रकृति की मार पड़नी शुरु हो गई है। कपकोट के तमाम क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। जिले में 47522 किसान 24 हजार हेक्टेयर में रबी की खेती करते हैं। करीह 20 हजार हेक्टेयर में गेहूं की गेहूं की खेती होती है। मंगलवार की देर शाम हिमालयी क्षेत्र के तमाम इलाकों में बर्फबारी भी हुई। मंगलवार की शाम को कपकोट के भनार समेत तमाम इलाकों में पकने को तैयार गेहूं, जौं, मसूर की फसल पर ओलावृष्टि की मार पड़ी है। ओलों से खेत पट गए। गेहूं की खेती को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को हिमालयी क्षेत्र के खातीगांव, बदियाकोट समेत तमा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई। निचले इलाकों में देर तक बारिश होती रही। मंगलवार की रात जिला मुख्यालय के साथ ही तमाम इलाकों में तेज बारिश हुई। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में बागेश्वर और गरुड़ तहसील क्षेत्र में 7.50-7.50 एमएम और कपकोट तहसील क्षेत्र में 10 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बुधवार को सुबह से मौसम साथ था। दोपहर बाद आसमान बादलों से घिरने लगा था।