लाहुरघाटी में भारी ओलावृष्टि से कटने को तैयार फसल को भारी क्षति पहुंची है। रविवार को आधा घंटे तक हुई ओलावृष्टि के चलते घाटी के गांवों में जनजीवन ठहर सा गया। घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से क्षति का पुन: मूल्यांकन कर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
लाहुरघाटी में रविवार को दोपहर बाद तेज बारिश के बीच भारी ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा क्षति जखेड़ा, नैकाना खुमटिया, सुराग, भगदानू, डाकघट, पौसारी, छानीसेरा आदि गांवों के किसानों को हुई है। लाहुरघाटी महापंचायत के अध्यक्ष ईश्वर परिहार ने बताया कि घाटी में ओलावृष्टि से कटने को तैयार फसल बर्बाद हुई है।
खेतों में काम कर रही महिलाओं को ओलावृष्टि के चलते खाली हाथ घर लौटना पड़ा। ओलावृष्टि के चलते आधा घंटे तक घाटी में जनजीवन ठहर सा गया। इस सीजन में पांचवीं बार ओलावृष्टि हुई है। जिसकी सूचना प्रशासन को देने के बावजूद प्रभावित किसानों को मुआवजे की राशि नहीं बांटी, जबकि तहसील प्रशासन मुख्यालय से जुड़े गांवों के किसानों को आर्थिक सहायता दे रहा है।
घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने एसडीएम चंदन सिंह डोबाल से लाहुरघाटी के आपदा प्रभावित किसानों को मदद दिलाने की मांग की है।