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Bageshwar News: पैरापिट या क्रैश बैरियर होते तो शायद बच जाती मासूम की जान

Fri, 15 May 2026 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। आरे-द्यांगण बाईपास पर हुए हादसे ने सड़क सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। नीलेश्वर मंदिर के समीप जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां सड़क किनारे पैरापिट या क्रैश बैरियर नहीं थे। सड़क से अनियंत्रित होकर वाहन सीधे खाई में जा गिरा और तीन साल की मासूम पूजा हादसे का शिकार हो गई।
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बाईपास की देखरेख का जिम्मा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास है। इस बाईपास से रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। गरुड़-कपकोट के बीच आवाजाही करने वाले छोटे वाहन भी नगर के जाम से बचने के लिए यहां से गुजरते हैं। कई जगह पर सड़क संकरी है और किनारे सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। लोगों का मानना है कि सुरक्षात्मक कार्य किया गया होता तो शायद वाहन खाई में गिरने से बच जाता।
...इनसेट
ड्राइविंग सीट के पास थी बच्ची
पुलिस जांच, अस्पताल में उपचाराधीन घायलों से पूछताछ और घटना स्थल के निरीक्षण के बाद यह वाहन चलाते समय मासूम बच्ची ड्राइविंग सीट के आसपास होने का भी पता चला है। इसके कारण ब्रेक लगाने में व्यवधान उत्पन्न हुआ। कोतवाल अनिल उपाध्याय ने बताया कि हादसे वाली जगह का निरीक्षण करने और घायल वाहन चालक संदीप व उनके भाई राहुल से पूछताछ करने पर पता चला है कि वाहन चलाते समय संदीप की पुत्री ड्राइविंग सीट के पास खेल रही थी। आशंका है कि अचानक बच्ची का पांव ब्रेक के नीचे या आसपास आने से समय पर ब्रेक नहीं लग पाया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। बच्ची पर ध्यान जाने के कारण चालक का वाहन से नियंत्रण हटने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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.....कोट
संबंधित सड़क खंड पर पैरापिट और सुरक्षा दीवार बनाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति और बजट प्राप्त होने पर पैरापिट और क्रैश बैरियर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में स्वीकृतियों का इंतजार किया जा रहा है। - गणेश सिंह खाती, प्लाटून कमांडर, बीआरओ
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