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Bageshwar News: धोखाधड़ी के मुख्य दोषी को दो मामलों में पांच-पांच साल की सजा

Thu, 14 Sep 2023 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने क्रेडिट कंपनी के माध्यम से धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी को दो मामलों में पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में सह आरोपियों को भी तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया। न्यायालय ने क्रेडिट कंपनी पर दोनों मामलों में एक करोड़ पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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दो नवंबर 2020 को वादी हरीश चंद्र बिष्ट ने बैजनाथ थाने में केमुना क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बी-3 सेक्टर एन, आरोही कांप्लेक्स, अलीगंज लखनऊ के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर दी। वादी ने बताया कि कंपनी ने शाखा खोलकर लोगों की आरडी और एफडी खोली, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी निवेशकों के रुपये नहीं लौटा रही है।
तहरीर के आधार पर बैजनाथ थाने में कंपनी और कंपनी के संचालक प्रदीप अस्थाना, शाखा प्रबंधक दीपक राम और जयपाल सिंह पालनी के खिलाफ धारा 420, 406, 409 आईपीसी और धारा तीन निपेक्षक (जमाकर्ता) हित संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत केस दर्ज किया।
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सत्र न्यायालय में दो पत्रावली में सुनवाई हुई। न्यायालय ने धारा तीन निपेक्षक (जमाकर्ता) हित संरक्षण अधिनियम 2005 में मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार अस्थाना को पांच साल के कठोर कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
सह आरोपी दीपक राम और जयपाल सिंह पालनी को तीन-तीन साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। क्रेडिट कंपनी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
एक अन्य मामले में गोविंद राम ने इसी कंपनी के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में 24 अक्तूबर 2020 को धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने उपरोक्त धाराओं में ही केस दर्ज करते हुए दो पत्रावली में आरोप पत्र दाखिल किया था।
न्यायालय में मामले में आरोपियों को धारा तीन निपेक्षक (जमाकर्ता) हित संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत दोषसिद्ध करते हुए मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार अस्थाना को पांच साल के कठोर कारावास और 50 हजार के अर्थदंड, सह आरोपियों दीपक राम और जयपाल सिंह को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
न्यायालय ने कंपनी पर 80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। मुख्य आरोपी को दोनों मामलों में अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह-छह महीने और सह आरोपियों को चार-चार महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों मामलों की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने की। न्यायालय ने कंपनी के जुर्माने की राशि जमा करने पर संबंधित खाताधारकों की उचित शिनाख्त के बाद प्रतिपूर्ति किए जाने का आदेश दिया।
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