। स्थायी तैनाती, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को लेकर हथियार प्रशिक्षित गुरिल्लों का बेमियादी धरना सोमवार 2680 वें दिन भी जारी रहा। गुस्साए गुरिल्लों ने यहां जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देेेश के बावजूद राज्य सरकारें गुरिल्लों के हितों के लिए कुछ भी नहीं कर रही हैं। अब राज्य में नई सरकार आ गई है। शीघ्र ही सरकार से मिलने शिष्टमंडल देहरादून जाएगा।
तहसील प्रांगण में हुई सभा में डालाकोटी ने कहा कि वर्ष 2015 में गुरिल्लों के भौतिक सत्यापन के नाम पर गत वर्ष 23 सितंबर को केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर गुरिल्लों को होमगार्ड, सिविल डिफेंस आदि सुरक्षा सेवाओं में भर्ती करने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन राज्य सरकारों ने आज तक न तो उस पत्र पर कोई कार्यवाई की और न ही आपदा प्रबंधन और लोनिवि में नियुक्ति के शासनादेशों पर पूरी तरह अमल ही किया है। अब राज्य में नई सरकार का गठन हो गया है।
संगठन का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से गत वर्ष 14 दिसंबर को दिल्ली में गुरिल्लों पर हुए लाठीचार्ज और 16 दिसंबर को संतोष सिंह की हुई मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने, मृतक के आश्रितों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई। चेतावनी दी कि गुरिल्लों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो फिर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष शेर सिंह दुबड़िया, दिनेश लोहनी, राम प्रसाद आर्या, रुद्र सिंह धामी, उमेद नेगी, आन सिंह कोरंगा, नारायण सिंह, मथुरा दत्त मिश्रा, दलीप सिंह, मोहन ऐठानी, शांति, कलावती शामिल थे।