विकास भवन में जल संचय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते वित्त मंत्री प्रकाश पंत।
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प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान जलसंचय, जलसंवर्धन एवं जल संरक्षण का शुभारंभ प्रदेश के वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संग्रहण नहीं होने से भूगर्भीय जल में तेजी से कमी आ रही है। जल संरक्षण के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।
विकास भवन सभागार में आयोजित गोष्ठी में मंत्री ने कहा कि जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा जल संचय दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश, जिला और ब्लाक मुख्यालयों में जनसहभागिता के माध्यम से इस अभियान की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान 30 जून तक चलेगा। 30 जून के बाद मानसून के दौरान जल संचय की सफलता के आंकलन व मापन की व्यवस्था करते हुए वास्तविक रूप से संचित एवं संरक्षित जल मात्रा का आंकलन कराकर आंकड़े तैयार किए जायेंगे। डीएम रंजना ने कहा कि जिले में जल संवर्धन के लिए विभिन्न माध्यमों से 130 योजनाओं की शुरूआत की गई है। सीडीओ एसएसएस पांगती के संचालन में आयोजित गोष्ठी में जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक कपकोट शेर सिंह गढ़िया, नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल, ब्लाक प्रमुख कपकोट मनोहर राम सहित जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल आदि विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
इससे पहले वित्त मंत्री ने वन विभाग के तत्वाधान में नक्षत्र वाटिका छतीना पहुंचकर वन विभाग द्वारा निर्मित जलाशय का शुभारंभ किया और नक्षत्र वाटिका में पौधरोपण किया। विधायक चंदन दास व जिलाधिकारी रंजना ने भी पौधरोपण किया।