फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar News: दादी को मिला दो पोतियों की देखभाल का सशर्त कानूनी हक

Fri, 22 May 2026 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने मानवीय संवेदनाओं से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए दादी को उनकी दो अनाथ पोतियों का विधिक और कानूनी संरक्षक नियुक्त किया है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह साफ किया है कि दोनों नाबालिग बहनों को मिलने वाली पेंशन, छात्रवृत्ति या अन्य चल-अचल संपत्ति का उपयोग केवल और केवल उनके उज्ज्वल भविष्य और पालन-पोषण के लिए ही किया जाएगा।
विज्ञापन

मामला कपकोट तहसील के लिली छुरिया का है। परूली देवी (54) पत्नी दनी राम ने जिला न्यायालय में दायर याचिका में बताया कि उनके दिवंगत बेटे जगदीश राम की दो मासूम बेटियां इंद्रा आर्या (11) और आराध्या आर्या (8) हैं। उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां ने किसी अन्य व्यक्ति से दूसरा विवाह कर लिया है। वह वर्तमान में हल्द्वानी के कठघरिया में निवास कर रही हैं। दोनों बालिकाएं अपनी दादी के संरक्षण में हैं। इंद्रा आर्या को स्कूल से मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि माता के खाते में आती है जिसे प्रार्थी प्राप्त नहीं कर पाती हैं। परूली देवी ने उनकी देखभाल, शिक्षा-दीक्षा और उनकी सुरक्षा के लिए विधिक संरक्षक प्रमाणपत्र जारी करने की गुहार कोर्ट में लगाई थी।

न्यायालय ने मामले के सभी पहलुओं, गवाहों के बयानों और बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दादी की याचिका को न्यायसंगत मानते हुए स्वीकार कर लिया। न्यायालय में बच्चियों की माता बबीता देवी ने दोनों नाबालिगों को दादी के संरक्षण में रहने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। जिला जज पंकज तोमर ने फैसला सुनाते हुए परूली देवी को दोनों नाबालिग पोतियों के जीवन और उनकी संपत्ति का आधिकारिक विधिक संरक्षक नियुक्त किया।
विज्ञापन




बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विधिक संरक्षक दादी को दोनों नाबालिग पोतियों की किसी भी अचल संपत्ति को न तो गिरवी रखने का अधिकार होगा और ना ही वह उसे बेच सकेंगी। संपत्ति को दान या किराये पर नहीं दे सकेंगी। बच्चियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिलने वाले वजीफों, छात्रवृत्तियों या किसी अन्य स्रोत से होने वाली आय को दादी केवल और केवल दोनों नाबालिगों के हित और पढ़ाई में ही खर्च कर सकेंगी।



विधिक कर्तव्य का निर्वहन करने के बदले में परूली देवी को किसी भी प्रकार की सरकारी धनराशि या मानदेय देय नहीं होगा। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों अनाथ बच्चियों के भविष्य और उनके भरण-पोषण का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें