बागेश्वर। स्वास्थ्य विभाग में सालों से संविदा में काम कर रहे स्टाफ नर्सों ने चयन प्रक्रिया में उन्हें वर्षवार नियुक्ति देेने की मांग तेज कर दी है। संविदा एवं बेरोजगार स्टाफ नर्सेज के सदस्यों ने बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति उपाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया को ज्ञापन देकर उनकी समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर निदान करने की मांग की।
संविदा नर्सों ने दर्जा कैबिनेट मंत्री को बताया कि पिछले 10-15 वर्षों से वह जिले के दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने अल्पवेतन और बिना अवकाश के सेवाएं दीं। इसके बावजूद नई भर्ती में उनके साथ अन्याय हो रहा है। नर्सों ने नर्सिंग सेवा नियमावली में चयन प्रक्रिया वर्षवार करने, संविदा नर्सों को एक वर्ष के अनुभव के आधार पर पांच प्रतिशत और अधिकतम 30 प्रतिशत अंक देने, डिप्लोमा और डिग्रीधारियों का चयन पहले की तरह 70 प्रतिशत डिप्लोमा और 30 प्रतिशत डिग्री के आधार पर करने की मांग की।
कहा कि डिप्लोमा और डिग्रीधारियों की एक परीक्षा कराई जाएगी तो सभी पद डिग्रीधारियों को मिल जाएंगे। ऐसे में डिप्लोमा होने के बावजूद डिप्लोमा नर्सेज को रोजगार नहीं मिल सकेगा। नर्सों ने दर्जा कैबिनेट से सेवा नियमावली में संशोधन कर संविदा स्टाफ नर्सों के साथ न्याय करने की मांग की। वहां खड़क सिंह, संजय कपकोटी, भावना शाही, अंजू जोशी, हरिओम उपाध्याय, दीपा बड़ती आदि मौजूद थे।