बागेश्वर। जिले की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से चिकित्सकों की कमी झेल रहे जिला अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10 नए बाॅण्डधारी चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण किया है। विभाग ने डॉक्टरों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार जिले में पहुंचे 10 चिकित्सकों में से सर्वाधिक चार डॉक्टरों की तैनाती जिला अस्पताल में की गई है जिससे वहां इमरजेंसी में मरीजों के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। सीएचसी कांडा में दो चिकित्सकों को भेजा गया है जिसमें एक महिला चिकित्साधिकारी भी हैं। केंद्र में महिला चिकित्साधिकारी नहीं होने से अब तक महिला मरीजों को दिक्कतें होती थी।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के उन केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया है जो लंबे समय से चिकित्सक विहीन चल रहे थे। विभाग ने लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे पीएचसी छानी, लाहुर, रवाईंखाल और वज्यूला पीएचसी में भी एक-एक चिकित्सक ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं।
......कोट
जिले में 10 नए बाॅण्डधारी चिकित्सकों के कार्यभार ग्रहण करने से स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा। हमारी प्राथमिकता उन केंद्रों को सुदृढ़ करना था जहां लंबे समय से पद रिक्त चल रहे थे। जखेड़ा समेत अन्य दूरस्थ पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
......डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर