बागेश्वर। बारिश का दौर शुरू होते ही पहाड़ी आलू के दाम कम हो गए हैं। शामा क्षेत्र में आलू की बंपर पैदावार और स्टोरेज की सुविधा नहीं होने से कीमतों पर असर पड़ा है। बाजार में 15 दिन पहले 35 से 40 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पहाड़ी आलू 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
जिले में साल-दर साल पहाड़ी आलू की पैदावार बढ़ती जा रही है। शामा, कौसानी समेत कई अन्य स्थानों पर किसान आलू का उत्पादन करते हैं। शामा क्षेत्र का आलू सबसे अधिक प्रसिद्ध है। स्थानीय बाजारों में शामा के आलू की काफी मांग रहती है। अप्रैल के आखिरी में आलू की खोदाई शुरू हो जाती है। इस साल बाजार में शामा के आलू के शुरुआती दाम 40 रुपये प्रति किलो थे।
जुलाई आने तक कीमतों में 10 रुपये प्रति किलो की कमी हो चुकी है। शामा क्षेत्र के किसान नरेंद्र सिंह कोरंगा ने बताया कि इन दिनों आलू पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
क्षेत्र के लगभग हर किसान के खेतों में आलू पैदा है। भारी मात्रा में आलू की खोदाई होने से कीमतों की प्रतिस्पर्द्धा होने लगी है। भारी बारिश के दौरान ताजा खोदे गए आलू को सुरक्षित रखना भी चुनौती है। स्टोरेज की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी लोगों को 30-35 की बजाय 23-25 रुपये प्रति किलो की दर से पर आलू बेचना पड़ रहा है।
सब्जी विक्रेता हरीश कोरंगा ने बताया कि पहले शामा से कम मात्रा में आलू आने से किसान अधिक दाम ले रहे थे। अब किसानों ने कीमतों में कमी कर दी है। ग्राहकों को भी पांच रुपये का फायदा हो रहा है।