गरुड़ (बागेश्वर)। लगातार दस घंटे की बारिश से समूूचे तहसील क्षेत्र में जनजीवन ठहर सा गया। लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। गोमती, लाहुर, गरुड़ गंगा आदि नदी, नाले उफान पर हैं। बैजनाथ-कौसानी मोटर मार्ग में अधिकतर नालियां, कलमठ बंद होने से पानी मोटर मार्ग से सटे घर, दुकानों में घुस गया। गरुड़ द्वितीय पेयजल योजना के पाइप उफनती गरुड़ गंगा बहने से नगर क्षेत्र में पानी की सप्लाई ठप रही। लोगों ने बारिश के पानी से काम चलाया।
तहसील क्षेत्र में प्रात: सात बजे से तेज बारिश शुरू हुई। चार बजे बाद बारिश कम हुई। तेज बारिश के चलते स्कूल, कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति कम रही। अनवरत बारिश के चलते गरुड़, लाहुर, गोमती नदी उफान पर है। जिस कारण सिंचाई उप खंड बैजनाथ के अधिकांश नहरों के हेड नदी में समा गए। गरुड़ द्वितीय पेयजल योजना के पाइप दोबारा बहने से नगर में पेयजल सप्लाई ठप रही।
तेज बारिश से केडी पांडे, रामलीला मैदान और पूर्व राज्य मंत्री गोपाल दत्त भट्ट के मकान के सामने की दीवार ढह गई। गरुड़ बाजार में नालियां बंद होने से बारिश का पानी ख्याली राम, गिरीश चंद्र जोशी, आनंद बल्लभ जोशी, आनंद कांडपाल, चंद्रशेखर जोशी, भूषण कक्कड़, रिहान अहमद आदि की दुकानों में घुस गया। जिससे भारी क्षति हुई। एसडीएम गरुड़ रवींद्र सिंह बिष्ट, कानूनगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी देशदीपक वर्मा ने बारिश से हुई क्षति का जायजा लिया।
गरुड़ (बागेश्वर)। मूसलाधार बारिश से गरुड़-फल्याटी, अणां-लोहारचौरा, गागरीगोल-चनोली, बैजनाथ-मटे-तिलसारी, लमचूला, गनीगांव, लोहागढ़ी मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। गोमती घाटी विकास समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह रावत, मैगड़ीस्टेट के पूर्व बीडीसी सदस्य भरत बिष्ट, पिंगलों के प्रधान दीनानाथ, रौल्याणा के बीडीसी सदस्य रंजीत डसीला ने जिला प्रशासन से बंद मोटर मार्गों से शीघ्र मलबा हटाने की मांग की है।