बागेश्वर। बकरी चराने जंगल गए बुजर्ग की पिरूल (चीड़ के पत्ते) में फिसलने से मौत हो गई। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, करूली निवासी सोबन सिंह (80) पुत्र स्वर्गीय महेंद्र सिंह सोमवार को बकरी चराने जंगल गए थे। इस दौरान अचानक पिरूल पर उनका पैर फिसल गया, वह गहरी खाई में जा गिरे। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर आरे के राजस्व उपनिरीक्षक किशोर कांडपाल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतक का पंचनामा भरा।
राजस्व उप निरीक्षक ने बताया कि बुजर्ग महतगाड़ के जंगल में बकरी चराने गए थे। बकरी चराने के दौरान जंगल में गिरे पिरूल में उनका पैर फिसल गया, जिससे वह करीब 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतक सेना से रिटायर्ड थे। सोमवार देर शाम मृतक का शव जिला अस्पताल बागेश्वर पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पिरूल के पतले पत्ते फिसलन भरे होते हैं। इन दिनों जंगलों में बिखरे रहते हैं।