गणुवासरमौली गांव के ग्रामीणों ने गांव में खड़िया का अवैध खनन होने का आरोप लगाया है। खनन से निकले मलबे से जहां ग्रामीणों के उपजाऊ खेत बर्बाद होते जा रहे हैं वहीं रास्ते भी प्रभावित हो गए हैं। इस तरह के खनन को रोकने की कई बार मांग कर दी गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात की और उनसे अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने गांव में खड़िया का अवैध तरीके से खनन करके मलबा उपजाऊ खेतों में फेंक दिया है। इससे जहां उपजाऊ खेत खराब हो गए हैं। वहीं बिजली के पोल और फलदार पेड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों के घर और प्राइमरी स्कूल खतरे की जद में आ गए हैं। पूर्व में हुए खनन के बाद हुए बड़े-बड़े गड्ढों को आज तक नहीं भरा गया है। भुवन चंद्र, गंगा प्रसाद पंत, किशोर पंत, हेम पंत, नवीन, सुरेश और पूरन पंत के खेत टूट चुके हैं। पीने के पानी की लाइन औैर प्राचीन नौला भी खतरे की जद में आ गया है। इस तरह के खनन से गांव में भूस्खलन का खतरा बढ़ते जा रहा है। उन्होंने डीएम से मामले की शीघ्र जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में नवीन पंत, भुवन चंद्र पंत, जगदीश पंत और मनोज पंत शामिल हैं। डीएम भूपाल सिंह मनराल ने मामले की जांच शीघ्र कराने का आश्वासन दिया।