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Bageshwar News: खुलीं ग्लेशियरों की राहें, पिंडारी की ओर बढ़े पहले ट्रैकिंग दल के कदम

Sat, 19 Sep 2026 12:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। मानसून के मौसम में तीन माह तक बंद रहने के बाद जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक यात्रा 16 सितंबर से दोबारा शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल से पहुंचे 10 सदस्यीय पहले ट्रैकर्स दल को पिंडारी ग्लेशियर के लिए रवाना किया गया। वन विभाग ने हिचौड़ी और पिंडारी रेंज के अंतिम गांव खाती में दल का पंजीकरण किया।
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जिले के प्रसिद्ध पिंडारी, कफनी और सुंदरढूंगा ग्लेशियरों में मानसून के दौरान 15 जून से 15 सितंबर तक सुरक्षा कारणों से ट्रैकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां प्रतिबंधित रहती हैं। ट्रैकिंग सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। सीजन के पहले दल में पश्चिम बंगाल के छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। दल चार दिन तक हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेगा। सुरक्षा के मद्देनजर दल के साथ एक अनुभवी स्थानीय गाइड भी भेजा गया है।
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कोट
खाती और हिचौड़ी जांच चौकियों पर पहले दल का पंजीकरण हुआ है। प्रशासन के पास पर्यटकों का सटीक रिकॉर्ड रहे और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके इसके लिए वन विभाग प्रत्येक ट्रैकर का बायोमीट्रिक और सामान्य रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। वैध पंजीकरण के बिना किसी भी यात्री को ग्लेशियर क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। -डॉली डोभाल, रेंजर
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पिंडारी क्यों खास...
पिंडारी ग्लेशियर उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित प्रमुख हिमनदों में शामिल है। करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह ग्लेशियर साहसिक पर्यटन और ट्रैकिंग के लिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ग्लेशियर तक पहुंचने वाला ट्रैक खाती गांव से शुरू होता है और रास्ते में हिमालयी चोटियों, घने जंगलों, नदियों और झरनों के मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं। सुंदर प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक ट्रैकिंग अनुभव के कारण पिंडारी को कुमाऊं के प्रमुख ट्रैकिंग स्थलों में गिना जाता है।
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मध्यम श्रेणी का ट्रैकिंग रूट
पिंडारी ग्लेशियर का ट्रेक सौंग, लोहारखेत, धाकुड़ी, खाती (अंतिम बसा हुआ गांव), द्वाली, फुर्किया होते हुए जीरो प्वाइंट तक जाता है। यह आसान से मध्यम श्रेणी का ट्रैकिंग रूट है, जिसे शुरुआती ट्रैकर्स और परिवार भी कर सकते हैं। ट्रैकिंग के लिए अप्रैल से जुलाई और सितंबर से अक्टूबर का समय उपयुक्त माना जाता है।
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