नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव निवासी दो किशोरियां अपनी मम्मी के झुमके का सौदा करने ज्वैलर्स के यहां पहुंची तो ज्वैलर्स की तत्परता से पुलिस के हत्थे चढ़ गई। इससे किशोरियों का झुमके बेचकर बाहर निकलने की योजना का खुलासा हो गया।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि 15 व 12 साल की दो किशोरियां शनिवार को ज्वैलर्स के यहां पहुंची। 15 वर्षीय किशोरी अपने साथ लगभग एक तोले के झुमके लेकर ज्वैलर्स मोहित रस्तोगी की दुकान में पहुंची। वहां पहुंचकर किशोरी ने कहा कि उसके पास सोने के झुमके हैं। जो कि उसकी मम्मी के हैं। उसके पिताजी काफी बीमार हैं जिनके इलाज के लिए रुपयों की सख्त जरूरत है। मम्मी ने ही इन्हें बेचने के लिए आपके पास भेजा है। 12 साल की किशोरी भी बड़ी को सहयोग कर रही थी। किशोरियों के हाव भाव देखकर ज्वैलर्स मोहित रस्तोगी को शक हुआ।
उन्होंने किशोरियों को दुकान में बिठाया और कहा कि वह पैसा लेकर आ रहे हैं। ऐसा कहकर उन्होंने चुपके से कोतवाली पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी नरेंद्र गोस्वामी, नीतू व पीआरडी प्रेमा खेतवाल ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो किशोरियों ने सारा हाल बयां कर दिया। पता चला कि दोनों किशोरियां लगभग एक तोले के झुमके बेचकर बाहर निकलने की योजना पर काम कर रहे थे। दोनों ही किशोरियां घर से कपड़े व कापी किताब भी लेकर बाजार आ गई थीं।
पुलिस ने बताया कि 15 वर्षीय किशोरी तो कुछ दिन पहले भी बिना बताए घर से चली गई थी। पुलिस ने ज्वैलर्स की भूमिका की सराहना की है। कहा कि ज्वैलर्स की तत्परता से बड़ी घटना होने से बच गई। दोनों किशोरियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर काउंसलिंग की जा रही है।