बागेश्वर के द्यांगण गांव में तेंदुए देखकर बेहोश हुई छात्रा को अस्पताल ले जाते ग्रामीण।
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द्यांगण गांव में तेंदुए का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे ही गांव में तेंदुआ धमक गया। घर के पास ही पानी भर रही गुंजन ने तेंदुए को देखा तो वह बेहोश हो गई। किशोरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है। द्यांगण गांव सहित आस पास के गांवों में तेंदुए का आतंक कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को गांव में फिर तेंदुआ पहुंच गया।
घर के पास ही पानी भर रही 16 वर्षीय गुंजन पुत्री बसंत सिंह तेंदुए को देखकर जोर से चिल्लाई। चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ेे तो गुंजन धारे के समीप बेहोश पड़ी थीं। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
गुंजन विवेकानंद विद्या मंदिर में 11वीं की छात्रा हैं। डॉक्टरों ने बताया कि बेहोश छात्रा की हालत खतरे से बाहर है। इधर ग्रामीणों ने वन विभाग पर फिर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गांव से तेंदुए का आतंक खत्म नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
वन विभाग की टीम ने गांव में डाला डेरा
अल्मोड़ा से पहुंची वन विभाग की ट्रेंकूलाइज टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है। बागेश्वर वन विभाग की भी टीम गांव में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। शहर के विभिन्न स्थानों में वन विभाग की टीम रात्रि में गश्त कर तेंदुए के आतंक से लोगों को आगाह कर तेंदुए को भगाने का काम कर रही है।
शूटर रवींद्र पहुंचे बागेश्वर
आदमखोर को मार गिराने के लिए वन विभाग के डिप्टी रेंजर रवींद्र सिंह मेहता बागेश्वर पहुंच गए हैं। शिकारी लखपत सिंह के चुनाव में व्यस्त होने के कारण रवींद्र सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। बागेश्वर के विभिन्न स्थानों में पहुंचकर उन्होंने तेंदुए की लोकेशन को ट्रेस किया।