गर्मी बढ़ने से गरुड़ गंगा और गोमती नदी का जलस्तर घट गया है। गरुड़ गंगा में मात्र 6 और गोमती में मात्र 11 क्यूसेक पानी रह गया है। नदियों का जलस्तर घटने से 24 से अधिक गांवों में जल संस्थान की योजनाओं से नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीण नदियों और हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं।
सिंचाई उप खंड बैजनाथ के एई पीसी नैनवाल ने बताया कि पिछले वर्ष बारिश ज्यादा होने के बावजूद स्थानीय नदियों का जलस्तर एकाएक घट गया है। उन्होंने बताया कि 2015 में अप्रैल में गरुड़ गंगा का जलस्तर सात और गोमती का 13 क्यूसेक था। वर्तमान में गरुड़ गंगा में 6 और गोमती में मात्र 11 क्यूसेस पानी रह गया है। नदियों का जलस्तर घटने से भगरतोला, देवनाई, पोखरी, बंतोली, पोखरी, जिजोली, पचना, बिमोला, मोतीसारी, टीट बाजार, भकूनखोला, तैलीहाट, मेलाडुंगरी भेंटा, पाये, सिल्ली, खडेरिया बिनखोली, गढ़सेर, माल्दे, नौघर, स्यालटीट, बंड, रामपुुर आदि गांवों की पेयजल योजनाओं में पानी कम हो गया है। जल संस्थान की पेयजल योजनाओं से ग्रामीणों को आधा या एक घंटा ही पानी मिल रहा है।
संस्थान की पेयजल योजनाओं से नियमित पानी की सप्लाई नहीं होने से हैंडपंपों और नौलों में पानी लेने वालों की दिन भर लंबी कतारें लग रही है। पानी की सप्लाई कम होने से गरुड़, टीट बाजार बैजनाथ, कौसानी, गागरीगोल, डंगोली, वज्यूला के बाजारों में बोतल बंद पानी की मांग एकाएक बढ़ गई है। टानीखेत में रेस्टोरेंट चलाने वाले गोपाल सिंह खड़ाई, बैजनाथ के जनरल स्टोर के मालिक आनंद नेगी, भगवत गिरी गोस्वामी ने बताया कि इस बार बोतल पानी की मांग ज्यादा है। जल संस्थान के सहायक अभियंता अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि नदियों का जल स्तर घटने से संस्थान की योजनाओं में पानी कम हो गया है। उन्होंने ग्रामीणों से पेयजल व्यवस्था बनाने में सहयोग देने को कहा है।
कौसानी में भी बोतल बंद पानी की मांग बढ़ी
कौसानी (बागेश्वर)। होटल एसोसिएशन कौसानी के अध्यक्ष बबलू नेगी ने बताया कि बेडचूवा-कौसानी, कोसी-कौसानी पंपिंग योजना से नगर को पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि कौसानी के अधिकांश होटल मालिकों ने अपने होटल में आरओ लगाए हैं। इसके बावजूद होटलों में बोतल बंद पानी की मांग इस बार बढ़ गई है।