बागेश्वर। जिले में गलघोंटू बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। बच्चे लगातार इसकी चपेट में आ रहे हैं। अब तक आठ बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। हालांकि बीमारी कैसे फैल रही है इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं। विशेषज्ञों की मानें तो महानगरों में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती है। बागेश्वर जिले में भी यह बीमारी बढ़ते जा रही है।
शनिवार को पुड़कुनी (कपकोट) से जिला अस्पताल इलाज को आई सानिया (13) पुत्री धरम सिंह में गलघोंटू (डिप्थीरिया) के लक्षण मिले हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बालिका को परिजन घर लेकर गए। अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ममता निखुर्पा ने बताया कि सानिया को बुखार और गले में संक्रमण है। बालिका में गलघोंटू बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। सैंपल ले लिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं है। उपचार के लिए दवाएं दी गई हैं। फिलहाल उसे एहतियात बरतने और दोबारा जांच कराने को कहा गया है।
शुक्रवार को कांडा तहसील के महरूड़ी की चार वर्षीय रिया पुत्री चंचल सिंह में भी गलघोंटू बीमारी के लक्षण पाए गए थे। बच्ची की हालत गंभीर होने के चलते जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। रिया के परिजनों ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। हल्द्वानी एसटीएच में उसका उपचार किया जा रहा है। बता दें कि सबसे अधिक कपकोट ब्लॉक के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग इतनी भयानक बीमारी के प्रति लापरवाह बना हुआ है। बीमारी फैलने के कारणों का पता नहीं लगाया जा रहा है। लगातार इस बीमारी से मौतें हो रही हैं। प्रशासन और सरकार को इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेना चाहिए।