बागेश्वर। वानिकी प्रशिक्षण अकादमी हल्द्वानी के 37 वन आरक्षी प्रशिक्षुओं ने मंडलसेरा स्थित प्रसिद्ध देवकी लघु वाटिका का शैक्षणिक भ्रमण किया। प्रशिक्षुओं ने छोटे से प्रयास से जैव विविधता का संरक्षण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के बारे में जानकारी ली।
शुक्रवार को आईएफएस अधिकारी बलवंत सिंह शाही के निर्देशन में भ्रमण के लिए पहुंचे प्रशिक्षुओं ने वाटिका में मूंगा रेशम की खेती की बारीकियों को समझा। वाटिका के संरक्षक किशन सिंह मलड़ा ने उन्हें च्यूरा, चंदन, रुद्राक्ष, जामुन और रिंगाल जैसे महत्वपूर्ण पौधों की जानकारी दी। प्रशिक्षुओं ने विशेष रूप से बिच्छू घास, मेहल और घिंगारु जैसे स्थानीय औषधीय पौधों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को जाना। संरक्षक मलड़ा ने प्रशिक्षुओं का आभार जताया। वाटिका पहुंचने पर प्रशिक्षुओं का स्वागत देवकी देवी, रमा देवी, ममता और मनीषा ने महोगनी, माऊं और अपराजिता के पौधे भेंट कर किया।