बागेश्वर के सरयू-गोमती संगम तट पर सुयालबाड़ी हादसे में मारे गए तीनों लोगों की एक साथ लगी चिता। सं?
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कांडा/बागेश्वर। सुयालबाड़ी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कांडा तहसील के तीन लोगों की सरयू-गोमती संगम तट पर गमगीन माहौल में अंत्येष्टि की गई। रविवार को तीसरे व्यक्ति की तलाश के बाद तीनों के शव देर रात कांडा लाए गए। सोमवार सुबह संगम तट पर पहुंचे तमाम लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
प्रकाश सिंह नगरकोटी शुक्रवार देर रात रानीबाग के चित्रशिला घाट में अपने ताऊ के लड़के की अंत्येष्टि के बाद चचेरे भाई धीरज नगरकोटी के साथ थर्प गांव निवासी मोहन सिंह नगरकोटी की बोलेरो वाहन से बागेश्वर की ओर आ रहे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में सुयालबाड़ी क्षेत्र के पास करतिया पुल के बीच बोलेरो अनियंत्रित होकर कोसी नदी में गिर गई। हादसे में तीनों की मौत हो गई। तीनों के शव शनिवार देर रात कांडा पहुंचे।सोमवार को सरयू-गोमती संगम पर अंत्येष्टि की गई। संगम तट पर एक साथ तीन लोगों की चिता जलने से वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई।
प्रकाश सिंह नगरकोटी के शव को उनके बेटे योगेश नगरकोटी और पूर्व सैनिक मोहन सिंह नगरकोटी के शव को उनके पुत्र दीपक नगरकोटी ने मुखाग्नि दी। हादसे में मारे गए धीरज नगरकोटी को उनके पिता राजेंद्र सिंह नगरकोटी ने मुखाग्नि दी। पूर्व सैनिकों को अंतिम विदाई देने के लिए सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (अवकाश प्राप्त) जीएस बिष्ट मौजूद रहे। मौके पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद भंडारी, राजेंद्र परिहार सहित तमाम लोग मौजूद थे।