ग्राम पंचायत नारायणगूंठ समेत अन्य गांवों के लिए 40 साल पहले बनी लेक्सूना-बदरीनाथ पेयजल योजना का चेंबर और मुख्य टैंक चार साल पहले ध्वस्त हो गया था। इससे गांव में पीने को पानी को लेकर हाहाकार मचा है। नजदीक में पानी के अन्य स्रोत नहीं होने से ग्रामीण गधेरों का दूषित पानी पी रहे हैं। चेंबर और मुख्य टैंक का पुनर्निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में जल संस्थान के खिलाफ रोष है। गुस्साए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के नाम का ज्ञापन तहसीलदार मैनपाल सिंह को सौंपा। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सोमवार नारायणगूंठ की ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसीलदार से मुलाकात की और उन्हें डीएम के नाम का ज्ञापन सौंपा। इसमें ग्रामीणों ने कहा है कि लेक्सूना-बदरीनाथ पेयजल योजना का चेंबर और मुख्य टैंक गत चार साल पहले ध्वस्त हो गया था। दोनों के पुनर्निर्माण की अब तक कई बार मांग कर दी गई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। योजना का पुनर्निर्माण नहीं होने से गांव में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस वित्तीय वर्ष में योजना दुरुस्त नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में जगत सिंह धपोला, श्याम सिंह, राम सिंह, बलवंत सिंह, गणेश सिंह, मोहन सिंह, देवेंद्र कुमार, दरबान सिंह, गुंसाई सिंह, प्रकाश सिंह, विरेंद्र सिंह, भूपेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रकाश नगरकोटी, शेखर पांडे आदि शामिल थे।