कांडा-कमस्यार के तीन न्याय पंचायत क्षेत्र की दस हजार की आबादी के लिए कांडा में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा में डॉक्टरों पांच पद रिक्त चल रहे हैं। इन दिनों प्रभारी चिकित्साधिकारी प्रशिक्षण पर गए हुए हैं। एक डॉक्टर और एक नर्स अवकाश पर है। पिछले दिनों बास्ती गांव में विषाक्त भोजन खाने से इस अस्पताल में एक साथ 57 पीड़ित आ गए थे। तब उपचार के दौरान सामने आई समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। जिससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने इस अस्पताल में पड़ताल की तो बताया गया कि यहां डॉक्टरों की कमी से लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के पांच पद रिक्त हैं। यहां तैनात तीन डाक्टरों में से प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश पोखरियाल इन दिनों विभागीय प्रशिक्षण के लिए बंगलूरू गए हैं। डॉ.अरुण कुमार और एक अन्य स्टाफ नर्स भी पिछले कुछ दिनों से अवकाश पर हैं। इन दिनों अस्पताल एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स और एक लैब तकनीशियन समेत चार लोगों के भरोसे चल रहा है। अस्पताल खुलने का समय सुबह नौ बजे जबकि बंद होने का समय अपराह्न दो बजे है। अलबत्ता डाक्टर और अन्य कर्मी अपने कक्षों में समय से पहले पहुंच गए थे।
पड़ताल में अस्पताल 8.30 बजे खुला मिला। स्टाफ नर्स रोहित अपनी कुर्सी पर बैठे मिले। 8.45 बजे फार्मासिस्ट रमेश पांडे आए। 8.55 बजे डॉ. सम्मी उन्नैसा अपनी कुर्सी पर पहुंची। उनके आते ही उल्टी दस्त से परेशान पांच साल का दिव्यांशु आया। डॉ.उन्नैसा ने शीघ्र बच्चे का उपचार करना शुरू किया। 8.50 बजे लैब तकनीशियन आशुतोष धपोला पहुुंचे।
शोपीस बनी है एक्सरे मशीन
सीएचसी कांडा में एक्सरे मशीन है लेकिन चलाने के लिए तकनीनिशन नहीं है। एक्सरे का और अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को 25 से 35 किमी दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है।
सीएचसी कांडा में रिक्त चिकित्सकों के पद
फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ , बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ।
खुशियों की सवारी नहीं
सीएचसी कांडा में 108 सेवा की एंबुलेंस तो है पर खुशियों की सवारी नहीं। प्रसव पीड़िताओं के रेफर होने पर वाहन का लोगों को इंतजाम खुद करना पड़ता है।
कभी बार आता हैं पानी
-नल में पानी भी कभी कभार ही आता है। कर्मचारियों, रोगियों के तीमारदारों को पानी के लिए आधा किमी दूर थर्प गांव के धारे पर जाना पड़ता है।
कोट--
सीएचसी कांडा की समस्याएं संज्ञान में हैं। समस्याओं के समाधान के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। - डॉ. जेसी मंडल मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर