बागेश्वर। कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर चल रहे लॉकडाउन से जल संस्थान की जलकर की करीब चालीस फीसदी वसूली प्रभावित हुई है। भुगतान की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जल संस्थान का उपभोक्ताओं पर सवा करोड़ से अधिक रुपये का पेयजल बिल बकाया है। जल संस्थान ने निजी और सरकारी उपभोक्ताओं से 31 मार्च तक पेयजल बिल का 3.27 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा था। मार्च महीने में लॉकडाउन से पहले 1.97 करोड़ रुपये की वसूली उपभोक्ताओं से हो गई थी। हालांकि मार्च में पिछले साल की तुलना में करीब तीस लाख की वसूली कम हुई। पिछले साल मार्च में 70 लाख रुपये की वसूली हुई थी जबकि इस साल केवल 40 लाख की वसूली हो पाई। 22 मार्च से जनता कर्फ्यू और बाद में लॉकडाउन शुरू होने से 15 मई तक केवल दस लाख से अधिक की ही वसूली हो पाई है। इस बीच काउंटर पर करीब पांच लाख और ऑनलाइन माध्यम से करीब छह लाख रुपये की वसूली हुई है। जल संस्थान का उपभोक्ताओं पर अब भी सवा एक करोड़ से अधिक रुपये का बकाया है, जिसमें सरकारी विभागों को करीब 70 लाख रुपये का बकाया भुगतान करना है।
---:: इनसेट वसूली प्रभावित होने से हो रही परेशानी :: जल संस्थान के सहायक अभियंता चंदन सिंह देवड़ी ने बताया कि पेयजल बिल से ही कर्मचारियों का वेतन और योजनाओं का मेंटीनेंस किया जाता है। वसूली प्रभावित होने से जल संस्थान को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि जून तक बकाया वसूली करने का लक्ष्य रखा गया है।