20 अप्रैल को होने वाले वनाग्नि मॉक ड्रिल की तैयारियों की जानकारी मेजर जनरल वीके दत्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली। उन्होंने वनाग्नि को आपदा प्रबंधन सिस्टम के साथ शामिल करने के साथ ही जिलाधिकारी को पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन सिस्टम के साथ शामिल करने से वनाग्नि को रोकने के लिए काफी हद तक सफलता मिल सकती है। उन्होंने आईआरएस के अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दायित्व सौंपने को कहा। वनाग्नि से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों तथा मैन पावर की जानकारी ली।
वीडियो कांफ्रेंस में आईआरएस विशेषज्ञ वीवी गणनायक द्वारा आपदा प्रबंधन के लिए जिले तथा प्रदेश स्तर पर गठित टीमों के दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रमुख सचिव अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों से वनाग्नि मॉक अभ्यास की तैयारियों को समय से पूरा करने के साथ वन विभाग, आपदा, पुलिस विभाग में उपकरणों की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को क्रू स्टेशनों में उपकरणों तथा वायरलेस सैट उपलब्ध रखने को कहा। वीडियो क्रॉन्फ्रेस में पुलिस अधीक्षक सुखवीर सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह, एसडीएम एसएस राणा, कांडा रिंकू बिष्ट, कपकोट रविन्द्र सिंह बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।