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पांच दशक बाद भी भराड़ी-शामा-तेजम सड़क पर नहीं चल सकी यात्री बस

Tue, 01 Nov 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
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पिथौरागढ जिले के तेजम-मुनस्यारी क्षेत्र को जोड़ने के लिए शामा-तेजम मोटर मार्ग का निर्माण कार्य बहुत पहलेे से चल रहा है। इस सड़क का सामरिक महत्व भी है। डीडीहाट और धारचूला जाने के लिए भी यह सड़क काफी सुगम है। किंतु आज तक इसे बड़े वाहनों के लिए खोला नहीं जा सका है। बागेश्वर और पिथौरागढ के गांवों के बीच वाहनों का संचालन बागेश्वर- कांडा- थल सड़क से ही हो रहा है। इसमें लोगों के अधिक दूरी के साथ ही अतिरिक्त पैंसे भी खर्च हो रहे हैं।
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हिमालय सेवा समिति कपकोट के सचिव प्रेमसिंह धर्मशक्तू ने बताया कि बागेश्वर -शामा- तेजम मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पांच दशक पहले शुरू हो चुका था। इस बीच मार्ग कट चुका है और इस पर कई सालों से छोटे चौपहिया यात्री वाहन चल रहे हैं।  लेकिन बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है। अधिकतर स्थानों पर सड़क को बड़े वाहनों के संचालन योग्य बना दिया गया है। रमाड़ी से आगे सड़क का कुछ हिस्सा संकरा है। उन्होंने बताया कि बागेश्वर और पिथौरागढ जिले के सीमावर्ती गांवों में खासकर जनजातीय परिवारों के लिए परिवहन व्यवस्था का विशेष महत्व है। लोगों के दूर दराज तक रिश्ते हैं।

परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र के लिए वाहनों का संचालन बागेश्वर-कांडा-थल सड़क से होता है। शामा तेजम मोटर मार्ग से इन इलाकों की आपसी दूरी काफी कम हो जाएगी। लोगों के समय और धन की बचत होगी। ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम ने बताया कि शामा से तेजम तक हो रहे चौड़ीकरण और हॉट मिक्स के काम में मानकों की अनदेखी की जा रही है। लाखों खर्च होने के बाद कई जगह सड़क की हालत खस्ता है।  उन्होंने शासन प्रशासन से सड़क को बनाकर उसमें बड़े यात्री वाहनों का संचालन शुरू करना चाहिए।
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