बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जून महीने में नौ बार जंगल जले हैं, जबकि फरवरी से मई के बीच 19 घटनाएं हुईं थी। बागेश्वर, गरुड़ और धरमघर क्षेत्र के वनों में आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है।
जिले में वनाग्नि की 28 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। हालांकि पिछले साल की तुलना में यह कम हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बुधवार की शाम से रात तक जंगल जलते रहे। बागेश्वर रेंज के उत्तरी खबडोली और बिलखेत के जंगलों में आग लगने से करीब तीन हेक्टेयर वन संपदा जलकर खाक हो गई। गढ़खेत रेंज में स्थित खबडोली के जंगल में भी आग से दो हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान हुआ। धरमघर रेंज के मजीगांव में एक हेक्टेेयर और बैजनाथ के शिखरकोट में 1.10 हेक्टेयर वन संपदा वनाग्नि की भेंट चढ़ गई। आग के कारण जिला मुख्यालय समेत घाटी वाले इलाकों में धुआं फैल रहा है। इससे लोग परेशान हैं।
कोट इधर, रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि वन विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय से सटे जंगलों में लगी आग को काबू कर लिया है। अन्य क्षेत्रों में लगी आग भी बुझा दी गई है। विभाग आग लगाने वालों पर नजर रख रहा है। आग लगाते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।