तमाम तैयारियों के बावजूद बागेश्वर जिले के जंगलों में आग लगने का सिलसिला नहीं थम रहा है। अब तक कई चीड़ के वन जलकर राख हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को बहुली क्षेत्र के जंगलों से दिन भर धुआं उठता रहा।
वनों की आग नियंत्रित करने के लिए इस वर्ष शासन-प्रशासन की ओर से काफी तैयारियां की गई थीं। ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही वनों की आग पर नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल तक किया गया। इसके बावजूद वनों में आग लगने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। जिले के अधिकांश चीड़ के जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। बृहस्पतिवार को बहुली क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद घंटों तक पिरूल में लगी आग नियंत्रित नहीं हो सकी। इस दौरान लाखों की वन्य संपदा जलकर राख हो गई।
जंगलों में आग लगने से लीसा निकालने के लिए कट लगाए गए चीड़ के पेड़ों में भी आग लग रही है। सड़कों के किनारे अधजले इन चीड़ के पेड़ों के वाहनों या राहगीरों के ऊपर गिरने का खतरा बना रहता है।