गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के सिमार गांव में गोशाला में आग लगने से घास के छह ढेर (लूटे) जलकर राखा हो गए। ग्रामीणों की तत्परता से पशुहानि होने से बची। दमकल विभाग और ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
रविवार सुबह केदार सिंह भरड़ा पुत्र हयात सिंह के गो शाला में अचानक आग लग गई। गोशाला से धुआं उठता देखकर उनके परिवार वाले मौके पर पहुंचे। भीतर घास के ढेर में आग लगी थी। आग लगने की जानकारी होते ही गांव के अन्य लोग भी वहां पहुंचे। गोशाला में बंधे मवेशियों को तत्काल बाहर निकाला गया। फायर सर्विस को भी सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने तक ग्रामीण बर्तनों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। जवानों ने मोटर और पाइप लगाकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों के सहयोग से आग को काबू किया। हालांकि पशुपालक के छह घास के ढेर नहीं बच सके। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धन सिंह ने घटना में किसी प्रकार की पशु या जनहानि नहीं हुई है। छह ढेर घास के जलकर नष्ट हो गए। समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा बच गया। जिपं सदस्य जनार्दन लोहुमी, पूर्व क्षेपं सदस्य सुनील पांडे, सुनील भरड़ा, रानी भरड़ा आदि ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
खड़ी बाइक में लगी आग
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के विकास भवन मार्ग पर खड़ी बाइक में आग लग गई। सूचना मिलने के बाद फायर सर्विस की टीम ने आग को काबू किया और बड़ा नुकसान होने से बचाया।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक में आग लगने की सूचना मिली थी। कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। बाइक में लगी बैटरी से धुआं उठ रहा था। कर्मचारियों ने तत्काल बाल्टी से पानी भरकर उड़ेला और बाइक को जलने से बचाया। बताया कि बाइक किसकी थी और आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका। संवाद