बागेश्वर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी अश्लील सामग्री और वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ जिला पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिले बेहद गोपनीय और संवेदनशील इनपुट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने युवक के खिलाफ आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार साइबर सेल को गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित पोर्टल के (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन) एनसीएमईसी के माध्यम से विशेष साइबर टिपलाइन रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट में इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण संबंधी अश्लील वीडियो साझा किए जाने की शिकायत दर्ज थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर कोतवाली की वरिष्ठ उपनिरीक्षक निर्मला पटवाल ने प्रकरण की विस्तृत जांच की। जांच में संदिग्ध इंस्टाग्राम आईडी का लिंक जिस मोबाइल नंबर से जुड़ा मिला पुलिस ने टीएसपी से उस नंबर की सीएएफ आईडी और डिटेल निकाली।
नंबर हरीश चंद्र निवासी कलौटा, बिलौना के नाम पर पंजीकृत था। प्रकरण से संबंधित संदिग्ध वीडियो को पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर विशेष सीडी में कॉपी कर कंप्यूटर पर चलाया। उसमें बालक-बालिका से संबंधित प्रतिबंधित यौन कृत्य और बाल अश्लीलता की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली में इंस्टाग्राम आईडी के यूजर और मोबाइल नंबर धारक हरीश चंद्र के खिलाफ आईटी एक्ट की बाल अश्लीलता और यौन कृत्य की सामग्री प्रसारित करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
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बाल यौन शोषण और अश्लीलता से जुड़ी किसी भी प्रकार की सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट या शेयर करना कानूनन बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। भारत सरकार के साइबर पोर्टल की टिपलाइन से मिले इनपुट के आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है। प्रतिबंधित कृत्यों में लिप्त पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। -जितेंद्र मेहरा, एसपी बागेश्वर