बागेश्वर के पौड़ी बैंड के समीप जंगल से सड़क तक आती आग को बुझाते फायर सर्विस कर्मचारी। संवाद
बागेश्वर। होली के दिन पौड़ी बैंड और कुकुड़ामाई के जंगलों में भीषण आग लग गई। सूचना पर वन विभाग और फायर सर्विस के जवानों ने आग पर काबू पाया।
तापमान बढ़ने के साथ-साथ वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी है। फायर सीजन शुरू होने के बाद से जिले के कई स्थानों पर जंगल जल रहे हैं। छलड़ी के दिन पौड़ी बैंड के जंगल में आग लग गई। जंगल से फैलते हुए आग ताकुला मार्ग के पास तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर एलएफएम नवीन जोशी के नेतृत्व में फायर सर्विस का छह सदस्यीय दल मौके पर पहुंचा और मिनी हाई प्रेशर तथा टहनियों की मदद से आग पर काबू पाया।
इधर बुधवार की शाम को कुकुड़ामाई के जंगल में आग लग गई। हवा चलने से आग तेजी से फैलने लगी। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
लमगड़ा विकासखंड के कुनुड़ा के आसपास के जंगल में लगी आग
अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ जिले के जंगल धधकने लगे हैं। लमगड़ा के जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। देर रात तक जंगल धधकते रहे।
लगमड़ा विकासखंड के कुनुड़ा के आसपास के जंगलों में बीते बुधवार को आग लगी रही। पूरे दिन जंगल धधकते रहे और आधे किमी के दायरे का जंगल आग की चपेट में आ गया। पूरे दिन जंगल धू-धूकर जलते रहे। बावजूद इसके आग बुझाने के प्रयास नहीं हुए। जंगल से उठने वाला धुएं का गुबार चारों तरफ फैल गया जिससे लोग खासे परेशान रहे। देर शाम को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। डीएफओ सिविल सोयम ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि सूचना के बाद मौके पर टीम भेजी गई। जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग सजगता से काम कर रहा है।
120 हेक्टेयर से अधिक जंगल जले
अल्मोड़ा। जिले में फायर सीजन से पहले ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं। बीते तीन माह में अब तक जिले में 120 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर नष्ट हो चुके हैं। वन विभाग जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए तैयारी के दावे तो कर रहा है लेकिन जंगलों में आग लगने की घटनाएं थम नहीं रही हैं।