बागेश्वर। कपकोट के कालापैरकापड़ी में भूस्खलन के मलबे से खेत पट गए हैं। गांव की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। कालापैरकापड़ी के खेती तोक में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से दहशत का माहौल है। शनिवार रात से हो रही बारिश के कारण जिला मुख्यालय की सड़कों पर जलभराव हो गया।
जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कालापैरकापड़ी में निर्माणाधीन नामतीचेटाबगड़ मोटरमार्ग से लगातार भूस्खलन हो रहा है। ग्राम प्रधान गंगा सिंह ने बताया कि छिड़िया और खेती के पास भूस्खलन होने के कारण मलबा खेती गांव की कृषि भूमि पर गिर रहा है। इससे उपजाऊ जमीन को नुकसान हो रहा है। छिड़िया के पास हो रहे भूस्खलन की जद में आने से गांव की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। योजना के पाइप मलबे से दब गए हैं। लाइन टूटने से गांव के भकुना तोक तक करीब 45 परिवारों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है। खेतीगांव में पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डर और मलबे की चपेट में आने से एक शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के आसपास बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से गांव के 12 परिवार दहशत में हैं। ग्रामीण बाबी कार्की ने भूस्खलन की रोकथाम के लिए उपाय करने की मांग की है।
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कपकोट में 60 मिमी बारिश, सरयू उफान पर
बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक में सबसे अधिक 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बागेश्वर में 22.50 और गरुड़ में दो मिमी बारिश हुई। कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश के चलते रविवार की सुबह सरयू नदी का जलस्तर 866.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गोमती नदी 862.65 मीटर पर बह रही है। हालांकि दोनों नदियां खतरे के निशान 870.70 मीटर से नीचे बह रही हैं।
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नौ मोटर मार्गों पर यातायात ठप, 25 हजार की आबादी प्रभावित
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में रविवार को नौ सड़कों पर यातायात बाधित रहा। यातायात बाधित होने से करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित रही। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सनगाड़-बास्ती, असों-बसकुना, कमेडीदेवी-भैसूड़ी, कपकोट-कर्मी, बघर, रिखाडी-बाछम, तोली, धरमघर-माजखेत, शामा-लीती-गोगिना सड़क मलबा आने से बंद रहे। रविवार की सुबह कपकोट-पिंडारी, दोफाड़-चीराबगड़, बालीघाट-दोफाड-धरमघर, खड़लेख-भनार, फरसाली, शामा-नौकोड़ी, मुनार बैंड-सूपी और कपकोट-लीली सड़क मलबा गिरने से बंद थी, जिन पर अब यातायात बहाल हो गया है।
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कांडा और दुगनाकुरी तहसील के गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित
बागेश्वर। बागेश्वर से विजयपुर होकर बनलेख बिजली घर तक जाने वाली 33 हजार वोल्ट की मुख्य बिजली लाइन रविवार को मनकोट के पास क्षतिग्रस्त हो गई। लाइन पर चीड़ का विशाल पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए। इससे कांडा और दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र के विजयपुर से धरमघर तक, स्यांकोट, महरुढ़ी, सेरी, भंतोला, दोफाड़ से रीमा, पचार, बनलेख, उडियार, जलमानी, महोली, ढांगा, खातीगांव, टकनार सहित दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई।
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विधायक ने किया आपदा प्रभावित गांवों का निरीक्षण
बागेश्वर। कपकोट विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने बारिश से प्रभावित कर्मी गांव के सरण तोक में नुकसान का जायजा लिया। वह अपने साथ राजस्व विभाग की टीम और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को ले गए। विधायक ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त नालियों का निर्माण, जल निकासी का बेहतर प्रबंध, चैक डैम निर्माण, बिजली और पानी की क्षतिग्रस्त लाइनों की जल्द मरम्मत करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बारिश का जल जंगल से होकर आबादी में आकर नुुकसान करता है, जिसे रोकने के लिए वर्षा जल संग्रहण के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, कनिष्ठ प्रमुख कविंद्र गढ़िया, मंडल अध्यक्ष गणेेश सुरकाली, वीडीओ कैलाश जोशी, जेई गौरव तिवारी, राजेंद्र कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
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मानसूनी बारिश से बंद सड़कों को खोलने का काम जोरशोर से चल रहा है। कई सड़कों पर यातायात सुचारु कर दिया गया है। बिजली और पेयजल की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी संबंधित विभाग कर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर