बागेश्वर में आपसी संघर्ष में एक मादा तेंदुए की मौत हो गई। तेंदुए का शव कलेक्ट्रेट के समीप सड़क पर पड़ा मिला। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए के शव को जला दिया।
शनिवार की सुबह कलेक्ट्रेट रोड पर कुछ लोगों को तेंदुए का शव पड़ा नजर आया। तेंदुए के शरीर के घावों से सड़क पर काफी खून पड़ा हुआ था। लोगों द्वारा सूचना देने पर वन दरोगा प्रयाग दत्त भट्ट ने वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर तेंदुए का शव वाहन से वन रेंज कार्यालय छतीना पहुंचाया। छतीना में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस खड़ायत और डॉ .ज्योति पूना ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।
तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित मिले। चिकित्सकों के अनुसार तेंदुओं के आपसी संघर्ष में मादा तेंदुआ गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण मौत हुई। मृत मादा तेंदुए की उम्र लगभग पौने दो साल बताई जा रही है। तेंदुए की लंबाई डेढ़ मीटर और ऊंचाई 50 सेमी थी। पोस्टमार्टम के बाद वन क्षेत्राधिकारी एनबी पांडेय, गणेश लस्पाल, मंगल नाथ आदि की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।