गरुड़ (बागेश्वर)। हितैषी संस्था की ओर से जीआईसी बंतोली में पहली बार आयोजित किर्साण महोत्सव देवनाई घाटी के हजारों किसानों ने दस्तक दी। प्रथम किर्साण का खिताब देवनाई की किर्साण इंदिरा बरोलिया को मिला।
हितैषी संस्था की ओर उनियाडाक से जीआईसी बंतोली तक तुरी और बाजे-गाजों के साथ सांस्कृतिक रैली निकाली। रैली में देवनाई घाटी के हजारों लोगों ने प्रतिभाग किया। सांस्कृतिक झांकी के दौरान किसानों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली लोकगीतों का गायन किया।
बंतोली में हितैषी संस्था की ओर से पहली बार आयोजित किर्साण महोत्सव का उद्घाटन जमुनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित राधा बहन ने किया। उन्होंने कहा कि किर्साण शब्द ही पहाड़ के विकास का द्योतक है। उन्होंने कहा कि किर्साण महोत्सव पहाड़ की बंजर हो रही खेती और पहाड़ से खाली हो रहे गांवों को आबाद करने में मददगार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए खेती जरूरी है। डॉ. शेखर पाठक ने कहा कि खेती के प्रति आज पहाड़ के लोगों का रुख घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के अधिकतर लोगों ने खेती कर अपने बच्चों को शीर्ष पदों तक पहुंचाया। उन्होंने हितैषी संस्था की सोच की सराहना की।
सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र नेगी ने जै भगोती नंदा और पहाड़ क ठंड पाणी गीत की शानदार प्रस्तुति दी। विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि सीएम हरीश रावत की सरकार सबको हरसंभव सम्मान दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव राज्य के ब्लॉक में आयोजित करने के लिए वह सीएम से वार्ता करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने हितैषी संस्था द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे रचनात्मक कार्यों की सराहना की। वहां हितैषी के प्रमुख किशन राणा, किसान क्लब देवनाई के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया, गोपाल दत्त भट्ट, गोविंद दिगारी, खुशी जोशी, बिशन हरियाला, सच्चिदानंद, चंदन जीना, चंदन डांगी, रंजीत दास, पवन वाधवा, राजीव लोचन साह आदि ने विचार रखे। रंजीत डसीला, कैलाश बोरा ने संचालन किया। विधायक चंदन दास, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट ने भी उत्साह बढ़ाया।
गरुड़ (बागेश्वर)। देवनाई में आयोजित प्रथम किर्साण महोत्सव में इंदिरा बरोलिया (देवनाई) पहले, थापुली देवी (घिरतोली) दूसरे, राधा देेवी (सेलकोना) तीसरे स्थान पर रहीं। प्रथम पुरस्कार की राशि कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण की माता यशोदा फर्स्वाण ने अपने पुत्र नवीन फर्स्वाण की स्मृति में 35 हजार, द्वितीय पुरस्कार की 25 हजार की राशि जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने अपने स्वर्गीय पिता मंगल सिंह ऐठानी की स्मृति में जबकि तृतीय पुरस्कार की 16 हजार की धनराशि रंजीत दास ने अपने स्वर्गीय पिता पूर्व मंत्री गोपाल राम दास की स्मृति में दिया।