बागेश्वर। जिला कार्यालय सभागार में बुधवार को कृषि अवसंरचना एवं कृषक उत्पाद संगठन (एफपीओ) की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए डीएम अनुराधा पाल ने गांव बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा की परिकल्पना को साकार करने के लिए किसानों का सक्रिय संगठन बनाकर धरातल पर कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने एफपीओ के कार्यकारी अधिकारियों को अन्य अधिकारियों से तालमेल बनाकर योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
डीएम पाल ने कहा कि पहाड़ में छोटी जोत वाले किसानों को आजीविका बढ़ाने के लिए खेती के साथ मिलेट उत्पादन, उद्यान, पशुपालन, मौन, बकरी, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, फूल उत्पादन के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने एफपीओ से किसानों को जागरूक कर उत्पादन वृद्धि के साथ बाजार उपलब्ध कराने, कृषि अवसंरचना निधि में कृषि यंत्र, भंडारण, छंटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग यूनिट, ग्रोथ सेंटर प्रस्तुत करने के लिए कहा।
सीडीओ संजय सिंह ने कहा कि मिलेट वर्ष होने के कारण किसानों को मडुवा, गहत, भट, सोयाबीन, लाही, सरसों आदि उत्पादों को बढ़ावा देकर बेचा जाएगा। उन्होंने एफपीओ, सहकारिता, रीप, कृषि, उद्यान विभाग से गांवों में जाकर किसानों के उत्पाद खरीदने के लिए कहा। एफपीओ के सदस्यों को उत्पादन के साथ ग्रेडिंग और पैकेजिंग का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। नाबार्ड के डीडीएम गिरीश पंत ने बताया कि तीनों ब्लॉकों मेें एक-एक एफपीओ गठित है। बागेश्वर एफपीओ में 25 गांवों के 130 किसान, गरुड़ एफपीओ में 22 गांवों के 122 किसान जुड़े हैं। अब कपकोट एफपीओ में 12 गांवों के 78 किसानों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। डीडीओ संगीता आर्या ने भी योजनाओं की जानकारी दी।