बागेश्वर। जिले के किसानों के लिए अदरक की खेती लाभकारी साबित हो रही है। समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत 350 किसान अदरक की खेती कर आय बढ़ा रहे हैं।
जिले में राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत बहुउद्देश्यीय साधन सहकारी समिति लोहारखेत/नौकोड़ी कई जगहअदरक और हल्दी की संयुक्त खेती करा रही है। हल्दी के विपणन के लिए सौंग और हरसिंग्याबगड़ में बिक्री केंद्र स्थापित किए गए हैं। परियोजना के नोडल अधिकारी विक्रम चंद ने बताया कि इस बार सौ क्विंटल से भी अधिक अदरक की पैदावार हुई है। दिसंबर से अदरक निकालने का काम शुरू हो गया था। अदरक की हिमगिरि प्रजाति को किसान पसंद कर रहे हैं। यह प्रजाति किसानों को खासा मुनाफा दिला रही है। स्थानीय स्तर पर 50 रुपये किलो की दर से अदरक की फुटकर बिक्री की जा रही है जबकि मंडी में अदरक का न्यूनतम मूल्य 55 रुपये प्रति किलो है। उन्होंने बताया कि अदरक के विपणन की समस्या नहीं है।
अदरक, हल्दी पर फोकस कर रहे किसान
बागेश्वर। ग्राम जारती के प्रगतिशील किसान भूपेंद्र सिंह मेहता, रमाड़ी के किसान बलवंत सिंह कहते हैं कि जंगली जानवर अन्य खेती को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में अदरक, हल्दी की खेती लाभकारी साबित हो रही है। जिले के प्रमुख हल्दी उत्पादकों में शामिल भूपेंद्र सिंह मेहता ने बताया कि मार्च से हल्दी निकाली जाएगी। इसे हल्द्वानी मंडी में बेचा जाएगा।