बागेश्वर के लीती में लिलियम के बल्ब (बीज) रोपते फूल उत्पादक। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। जिले के लीती, शामा, पन्याली के फूल उत्पादक इस बार फिर लिलियम की खेती में हाथ आजमाने लगे हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन के कारण फूल उत्पादकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। लिलियम के फूलों को दिल्ली में भी दाम नहीं मिले थे।
लीती और पन्याली में विकेंद्रीकृत जलागम परियोजना (ग्राम्या) के सहयोग से वर्ष 2020 से 14 किसान फूलों की खेती करते हैं। शामा के पांच किसान वर्ष 2019 से लिलियम की खेती करते हैं। लिलियम के स्टिक दिल्ली में बेचे जाते हैं। पिछले वर्ष करीब दो गाड़ियों में करीब 40 हजार लिलियम के स्टिक दिल्ली भेजे गए लेकिन लॉकडाउन के कारण लिलियम के स्टिकों के वाजिब दाम नहीं मिल पाए। 50 से 55 रुपये में बिकने वाली स्टिक 5-10 रुपये में बेचनी पड़ी थी।
ये किसान ग्राम्या की दानपुर किसान एकता स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से फूलों की खेती करते हैं। सहकारिता से जुड़ीं लीती निवासी धना कोरंगा ने बताया कि करीब 30 हजार लिलियम के बल्ब रोपे गए हैं। लॉकडाउन की मार के कारण इस बार कम बल्ब रोपे गए हैं ताकि न बिकने की स्थिति में नुकसान न हो।