बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में तीन दिनी राज्य स्तरीय समेकित कृषि प्रणाली पर आधारित कार्यशाला संपन्न हो गई है। कार्यशाला में अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत ब्लॉक से 30 किसानों ने भागीदारी की। वैज्ञानिकों ने उन्हें समेकित खेती के लाभ बताए।
कार्यशाला में केवीके अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने समेकित कृषि प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वैज्ञानिक विधि से पशुपालन, कृषि, उद्यान और मत्स्य करने पर वर्षभर आमदनी की जा सकती है। वरिष्ठ वस्तु विषय विशेषज्ञ डॉ. कमल कुमार पांडेय ने कीवी फल, बेमौसमी सब्जी उत्पादन की तकनीक बताई।
डॉ. नवल किशोर सिंह ने वैज्ञानिक विधि से पशुधन प्रबंधन, चारा उत्पादन, हरीश चंद्र जोशी ने पर्वतीय फसलों में लगने वाले कीट, रोग और उनके उपचार की जानकारी दी। डॉ. अमित कुमार ने उत्पादक समूह के गठन, संस्कृति सिंह ने पोषण उद्यान, संतुलित आहार, सूरज कुमार पर्वतीय क्षेत्रों की फसलों के उत्पादन की जानकारी दी। वहां पर आत्मा परियोजना के ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक विवेक पांडेय, महेश सिंह, सौरभ सिंह, बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद