काफलीगैर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में विश्व मृदा दिवस और रवि कृषक सम्मेलन हुआ। जिसमें जिले के विधायकों ने किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की राय दी, साथ ही किसानों और वैज्ञानिकों के मध्य नियमित संवाद पर जोर दिया।
केवीके परिसर में किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास ने वहां लगे स्टालों को देखा। उन्होंने कहा कि मौसम, जलवायु में लगातार हो रहे बदलाव के कारण मिट्टी की नियमित जांच कराना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी कराना जरूरी हो गया है।
उन्होंने परंपरागत खेती में वैज्ञानिक तकनीकों के समावेश पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि बदलती परिस्थितियों के कारण किसानों और वैज्ञानिक के बीच तालमेल जरूरी है। किसानों का गोष्ठियों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।
तभी आधुनिक तकनीकों का लाभ किसानों को मिल सकेगा। नाबार्ड के महाप्रबंधक बीएस बिष्ट ने बैंक से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। गोष्ठी में 410 किसानों ने भाग लिया।
वहीं रानीखेत की ब्लॉक प्रमुख रचना रावत ने उन्होंने डौरब, ख्यूशालकोट, बोहरागांव, पोखरी, मलौना ग्राम पंचायत के तमाम किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बांटे।
कहा किपर्वतीय क्षेत्र में आर्थिकी की रीढ़ समझी जाने वाली खेती के विकास के लिए
सरकार ने पहल शुरू कर दी है। इस तरफ किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए सरकार
ने प्रोत्साहन भी देना शुरू कर दिया है।
खेती से विमुख हो रहे ग्रामीणों
को इन सरकारी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए। कृषि एवं भूमि संरक्षण ब्लॉक प्रभारी गोविंद अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। सहायक कृषि अधिकारी आनंद सिंह मेहरा ने संचालन किया। ग्राम प्रधान गोधन सिंह, मंजू देवी, चंदन सिंह, हीरा सिंह, बचे सिंह, नीमा देवी, लक्ष्मी देवी, हेमा देवी सहित 200 से अधिक किसान मौजूद थे।