कपकोट (बागेश्वर)। बदियाकोट के मां आदिबद्री भगवती मंदिर में 16 साल बाद आयोजित आठूं पर्व उपजात यात्रा संपन्न हो गई है। समापन दिवस पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन और पूजा-अर्चना की। विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जन किया। मंदिर में चांचरी गायन के लिए लोगों को लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
विगत 24 अगस्त को बदियाकोट में उपजात यात्रा आठूं पर्व का शुभारंभ हुआ था। 25 अगस्त को देव डांगर और 30 श्रद्धालुओं का जत्था नंदाकुंड के लिए रवाना हुआ था। सोराग, जातोली होते हुए दल नंदाकुंड पहुंचा। 30 अगस्त को शंभू ग्लेशियर से ब्रह्कमल लेकर श्रद्धालु मां आदिबद्री के धाम पहुंचे।
रात को मंदिर में देव अवतरण कराया गया। रविवार को ब्रह्मकमल से मां की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद मंदिर परिसर में चांचरी का आयोजन हुआ। दानू पट्टी के सभी गांवों से लोग वहां पहुंचे थे।
गढ़वाल से भी बढ़ी संख्या में श्रद्धालु आए। मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित चांचरी के आयोजन में पारंपरिक परिधान में सजधज कर महिलाओं ने भागीदारी की। बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाओं ने सामूहिक चांचरी गायन का लुत्फ उठाया। पांच टोलियों में लोगों ने चांचरी गायन किया।
करीब दो बजे मूर्ति विसर्जन किया गया। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष भरतपाल सिंह दानू, सचिव भरत दानू समेत तमाम मेलार्थी मौजूद रहे।
इधर, जगथाना, लीली, गडेरा, हरसिंग्याबगड़, नौकोड़ी, फरसाली, गुलेर, खर्क कानातोली, रातिरकेटी, बघर आदि मंदिरों में आयोजित पूजा भी संपन्न हो गई है।