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नदियों में कूड़ा डालने से हो रहा है लोगों की आस्था का अपमान

Fri, 09 Dec 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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दुगबाजार वार्ड के नाले से सरयू में जाती गंदगी।  - फोटो : अमर उजाला
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कहा जाता है कि मोक्षदायिनी सरयू और गोमती के संगम स्थल पर बागेश्वर में भागीरथी नदी भी विलुप्त रूप में मौजूद है। सरयू, गोमती संगम से लगभग 20 मीटर की दूरी पर स्थित एक छोटी नदी को भागीरथी नदी का नाम दिया गया है। परंतु इस भागीरथी नदी का हाल यह है कि इसमें कई टन कूड़ा समाया हुआ है। घरों के कूड़ा-करकट से लेकर मीट बाजार की गंदगी तक इसी नदी में डाली जाती है। यह गंदगी आगे जाकर सरयू में समाती है।
 
 सरयू नदी को कूड़ा मुक्त करने के अभियान के तहत अमर उजाला ने शुक्रवार को दुग बाजार वार्ड का भ्रमण किया। इस वार्ड में जिला अस्पताल, जिला पंचायत कार्यालय, सैनिक कल्याण बोर्ड सहित तमाम महत्वपूर्ण कार्यालयों के अलावा बेहद घनी आबादी है। मोहल्ले में सफाई होती है लेकिन स्वच्छता कहीं नजर नहीं आई।  सड़क से गलियों तक बिखरे गुटखा, तंबाकू आदि खाद्य पदार्थों के रेपर, होटल, रेस्टोरेंटों के  सामने नालियों में गंदगी। सबसे बुरा हाल वार्ड से होकर बहने वाली भागीरथी नदी का है। इस नदी को भागीरथी नाम भले ही दे दिया है, लेकिन इसका बिल्कुल भी सम्मान नहीं दिया जा रहा है। 
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बाजार और घरों की गंदगी से लेकर सभी प्रकार का कूड़ा कचरा इसी में प्रवाहित कर दिया जाता है। इसी भागीरथी नदी के ठीक ऊपर मीट बाजार भी है। इस मीट बाजार की गंदगी भी इसी नदी में प्रवाहित की जाती है। यह गंदगी चंद दूरी पर स्थित  सरयू नदी में समा जाती है। जब लोगों से सफाई पर बातचीत की तो किसी ने व्यवस्थाओं की कमी का हवाला दिया तो किसी ने कहा कि सफाई के उचित प्रबंध करने के साथ ही लोगों को जागरूक करने की जरूरत भी है। इस दौरान लोगों ने अमर उजाला अभियान के तहत सरयू नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया। 
 
इनका कहना है 

दुगबाजार वार्ड के सभासद पुनीत साह ने कहा कि अमर उजाला का यह अभियान बहुत अच्छा है। वार्ड में कूड़ा करकट के निस्तारण के लिए कूड़ेदान लगाए गए हैं। सार्वजनिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। सरयू और भागीरथी नदी में गंदगी व कूड़ा करकट न जाय इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। 
09 बीजीएस 08 पी- पुनीत साह। 


शशि थापा का कहना है कि कूड़े की समस्या से निपटने के लिए नगरपालिका की ओर से हर दुकानदार को डस्टबिन दिए हैं। यदि लोग सफाई के प्रति ईमानदारी दिखाएं और सड़कों पर कूड़ा न फेंकें तो गंदगी नदी में नहीं जाएगी। सरयू सहित अन्य नदियों की सफाई के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। 
09 बीजीएस 09 पी- शशि थापा।
 

ममता कुमैयां ने बताया कि कूड़ा करकट के साथ ही कई लोग नदी किनारे शौच कर देते हैं। सरयू नदी लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। कई लोगों ने मजदूरों को किराए पर घर तो दे दिए लेकिन शौचालय की सुविधा नहीं दी है। ऐसे में मजदूर नदी में शौच करते हैं। प्रशासन को भी इस मामले में उचित कदम उठाने चाहिए। 
09 बीजीएस 10 पी- ममता कुमैयां


मोहन चंद्र उपाध्याय का कहना है कि कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। कई स्थानों पर गड्ढे खुले पड़े हैं। नाली निकासी और गंदे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। गंदगी के कारण लोगों को नाक में रुमाल रखकर चलना पड़ता है। 
09 बीजीएस 11 पी- मोहन चंद्र उपाध्याय। 


अशरफ अहमद ने बताया कि सरयू नदी में सबसे अधिक कूड़ा भागीरथी नदी से ही जाता है। प्रशासन को गंदगी के निस्तारण के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए। घरों और दुकानों की गंदगी नदी नालों के बजाय कूड़ेदानों तक पहुंचे इसकी व्यवस्था जरूरी है। गंदगी डालकर नदी के पानी को दूषित करने पर कार्रवाई होनी चाहिए। 
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09 बीजीएस 12 पी- अशरफ अहमद। 


कौशल जोशी ने बताया कि कूड़े के सफाई की व्यवस्था तो है लेकिन कई लोग इसके  बावजूद अपने घरों का कूड़ा नदी में डाल देते हैं। प्रशासन को इसके लिए व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करना होगा। 
09 बीजीएस 13 पी- कौशल जोशी। 

 
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