बागेश्वर। उत्तरायणी मेला 13 जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए बागेश्वर नगर को विशेष रूप से सजाने का काम शुरू हो गया है। सरयू बगड़ क्षेत्र के साथ ही सरयू और गोमती पुलों में लाइटिंग की जा रही है। उत्तरायणी पर्व के लिए इस बार शहर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। बागनाथ मंदिर परिसर से लेकर सभी पुलों में विशेष रूप से लाइटिंग की जाएगी। सरयू नदी में दोनों पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। दोनों अस्थायी पैदल पुलों को भी मालाओं से सजाया गया है।
नुमाइशखेत मैदान में झूले, चर्खे लगने लगे हैं। मेले में मौत का कुआं भी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। इसी मैदान में सरकारी, अन्य विभागों के स्टाल भी लगाए जाएंगे। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बाहरी क्षेत्रों से व्यापारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। गोमती बगड़ से लेकर जिला पंचायत परिसर तक अस्थायी दुकानें लगाई जाएंगी।
मेलार्थियों के लिए प्रशासन द्वारा कई जगह पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाएगी। नगरपालिका की ओर से सरयू के घाटों की सफाई का कार्य जारी है। करीब 60 पर्यावरण मित्र (स्वच्छक) लगातार सफाई कर रहे हैं। गोमती पुल में बंदर डेरा जमाए रहते हैं। उत्तरायणी मेले के लिए सोमवार को गोमती पुल में बिजली की कई लड़ियां लगाई गई थीं। इन्हें मंगलवार को बंदरों ने तोड़ दिया।
गरुड़ (बागेश्वर)। शिवनगरी बैजनाथ में पहली बार उत्तरायणी मेले के आयोजन को लेकर समूची कत्यूर घाटी के लोगों में खासा उत्साह है। मेला कमेटी मेले के भव्य आयोजन की तैयारी में जुटी है। शाही स्नान 14 जनवरी की प्रात: पांच बजे से होगा। इसके लिए मेला कमेटी ने श्रीनगर से दो नाव मंगाई हैं।
मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन ममगई बैजनाथ शिव धाम में मेले के आयोजन के लेकर मंगलवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल से मिले। मेला कमेटी ने डीएम से मेले के सफल आयोजन के लिए डीएम से सहयोग मांगा। टीट बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रेम सिंह नेगी ने डीएम को अवगत कराया कि बैजनाथ में पहली बार उत्तरायणी मेले के आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह है।
मंगलवार को मेला कमेटी के अध्यक्ष ममगई ने मेले के सफल आयोजन को लेकर बैजनाथ, तैलीहाट, गढ़सेर, भकुनखोला, स्यादे टीट, माल्दे के प्रधानों के साथ विचार विमर्श किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि 14 जनवरी की प्रात: बैजनाथ में शाही स्नान होगा।
कमेटी महिलाओं के लिए स्नानगृह बना रही है। उसी दिन मंदिर परिसर में माघ की खिचड़ी बनेगी। उन्होंने बताया कि मेला कमेटी ने बैजनाथ कृत्रिम झील में मेले के दौरान लोगों को वोट की से झील में सैर कराएगी। कमेटी ने श्रीनगर से अपने खर्चे पर दो वोट मंगा रखी है। मेला कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि मेला परिसर में दुकानें भी लगेंगी। व्यापारियों को दुकानें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।